मुख्य वक्ता सैयद मोहम्मद अशरफ ने कहा कि सोशल मीडिया के क्षणिक प्रभाव के विपरीत किताबें स्थायी असर छोड़ती हैं और बेहतर समाज निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। पद्मश्री प्रो. हकीम सैयद जिल्लुर रहमान, सर सैयद अकादमी के निदेशक प्रो. शाफे किदवई, सीईसी के समन्वयक प्रो. मोहम्मद नवेद खान, डीएसडब्ल्यू प्रो. रफीउद्दीन, डॉ. राहत अबरार आदि मौजूद रहे।
जिन्ना और अल्लामा इकबाल पर भी किताबें
एएमयू में लगे उर्दू पुस्तक मेले में पाकिस्तान के संस्थापक जिन्ना, शायर अल्लामा इकबाल, जॉन एलिया के जीवन पर आधारित किताबें भी हैं। अल्लामा इकबाल और मोहसिन इंसानियत, इकबाल के खतूत जिन्ना के नाम, इकबाल हमारा, इकबाल की इंकलाबियत, फिक्र इकबाल का ताअरुफ, कुल्लियाते इकबाल सहित अन्य किताबें कई स्टाॅल पर हैं।