गोशाला में हंगामा कर रहे लोगों को समझाते पुलिसकर्मी। संवाद
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कस्बा कौडि़यागंज स्थित कान्हा गोशाला में रविवार को चार गायों की मौत होने और सात के मरणासन्न हालात में मिलने से लोगों में आक्रोश व्याप्त हो गया। गुस्साए लोगों ने गोशाला की दुर्दशा को लेकर कई घंटे हंगामा किया। डीएम ने शिकायत मिलने पर डीएम ने जांच के लिए टीम भेजी है।
नगर पंचायत कौडि़यागंज द्वारा कान्हा गोशाला का संचालन किया जाता है। गोशाला में रविवार को चार गायों की मौत होने पर कस्बा के लोगों का आक्रोश भड़क गया। कस्बा के अखिलेश महाजन का आरोप था कि चेयरमैन की लापरवाही से गोशाला में भूख प्यास से गायों की मौत हो रही हैं। कोई देखने वाला नहीं है। बिट्टू वार्ष्णेय ने जिलाधिकारी कार्यालय फोन कर अधिकारियों को बताया कि मौके पर चार गाय मृत पड़ी हैं। सात गाय मरणासन्न हालत में हैं। सोनू भगत जी ने गोशाला में गायों की दुर्दशा की जानकारी पर लोग पहुंचे तो मृत गायों को कौवे नोंचकर खा रहे थे़ कई तड़प रही थीं। आरोप था कि नगर पंचायत की ओर से आठ से दस कर्मचारियों का वेतन बनता है पर गोशाला में केवल दो ही कर्मचारी काम करते हैं। हर्ष वार्ष्णेय और रजत शर्मा का आरोप था कि गायों के मरने पर उन्हें काली नदी में फेंक दिया जाता है।
चेयरमैन प्रतिनिधि से लोगों की नोकझोंक
चेयरमैन प्रतिनिधि से भी लोगों की नोकझोंक हो गई। थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। गुस्साए लोगों को समझा बुझाकर शांत किया। डीएम ने शाम को इस मामले की जांच के लिए नायब तहसीलदार वीरेंद्र सिंह टीम को जांच के लिए भेजा, जिसने गोशाला के केयरटेकर के साथ ग्रामीणों के बयान दर्ज किए। टीम में कानूनगो और लेखपाल भी थे। रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी।
गोशाला में कुछ गाय बीमार थीं, जिनका पशु चिकित्सक द्वारा उपचार किया जा रहा था। अत्यंत वृद्ध और बीमार होने के कारण गाय मर गईं। कल्पना सिंह, नगर पंचायत अध्यक्ष कौडि़यागंज