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Aligarh: बच्ची संग घटना के विरोध में हंगामा-प्रदर्शन, फिलहाल बंद रहेगा स्कूल, आज मेडिकल बोर्ड करेगा निर्णय

Thu, 08 May 2025 02:50 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

पुलिस स्तर से बच्ची के दो मेडिकल परीक्षण कराए गए हैं। जिसमें एक मेडिकल कॉलेज से दुष्कर्म के संबंध में व दूसरा स्लाइड परीक्षण दीनदयाल अस्पताल में कराया है। दोनों में ये बात तो आई है कि बच्ची को चोट आई है। मगर यह चोट दुष्कर्म से ही है, ये नहीं उल्लेख किया। मतलब ये चोट किसी भी वजह से हो सकती है। 
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छात्रा के साथ हुई घटना के बाद सील लगाते सासनी गेट इंस्पेक्टर - फोटो : संवाद
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विस्तार
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अलीगढ़ महानगर के आगरा रोड स्थित गगन पब्लिक स्कूल के प्ले ग्रुप में तीन वर्ष की बच्ची संग हुई घटना के विरोध में 7 मई सुबह से स्कूल पर जमकर हंगामा हुआ। परिवार व एबीवीपी की अगुवाई में करीब साढ़े चार घंटे तक चले हंगामा-प्रदर्शन के बीच स्कूल व पुलिस विरोधी नारेबाजी हुई। पुलिस का पुतला फूंका व महिलाओं ने सीओ पर चूड़ी तक फेंक दीं। हालांकि घंटों चले समझाने के दौर के बाद जब बच्ची के पिता को सीसीटीवी दिखाए गए तो वे शांत हो गए। फिलहाल मांग के अनुसार मामले में जांच पूरी होने तक के लिए स्कूल बंद करा दिया गया है।

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बुधवार सुबह से ही एबीवीपी कार्यकर्ताओं की एक टीम व परिजन स्कूल के गेट पर पहुंचकर हंगामा करने लगे। घटना के बावजूद स्कूल खुलने का विरोध करते हुए नारेबाजी कर दी। पुलिस ने उन्हें स्कूल में अंदर प्रवेश नहीं करने दिया। स्कूल प्रबंधन ने भी गेट बंद करा दिया। प्रदर्शन कर रहे लोग स्कूल के दरवाजे पर बैठकर पुलिस व स्कूल विरोधी नारेबाजी करने लगे। भाजपाई भी यहां पहुंच गए। साथ में कई थानों का फोर्स, सीओ प्रथम, सीओ तृतीय, सिटी मजिस्ट्रेट व पीएसी आदि पहुंच गई। अधिकारी प्रदर्शन कर रहे लोगों को यह कहते हुए समझाने लगे कि अभी तक सीसीटीवी फुटेज व मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हो रही है। 

फिर भी तथ्यों व साक्ष्यों पर जांच की जा रही है। इस पर तर्क रखा गया कि घटना कहीं स्कूल के बाहर तो नहीं हुई। या फिर स्कूल प्रबंधन के इशारे पर आरोपी को बचाने का प्रयास तो नहीं किया जा रहा। कुल मिलाकर वहां कई बार नोकझोंक के हालात बने। इसी बीच कुछ महिलाओं ने सीओ पर चूडिय़ां फेंक दीं जबकि कुछ उन्हें भेंट करने पहुंच गईं। मगर सीओ महिलाओं के इस प्रयास पर स्कूल के अंदर चले गए। इसी बीच एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने पुलिस का पुतला बनाकर फूंक दिया। हालांकि इस प्रदर्शन में युवा भाजपाई भी शामिल हुए। मगर वे बीच में पुलिस तथ्यों के आधार पर पीछे हट गए, जबकि एबीवीपी नेता प्रदर्शन को दोपहर तक आगे बढ़ाए रहे। बता दें कि मंगलवार को स्कूल आई बच्ची संग दुष्कर्म का आरोप लगाकर परिवार ने मुकदमा दर्ज कराया था। जिसके बाद से बच्ची मेडिकल कॉलेज में भरती है।

बच्ची के पिता को सभी सीसीटीवी दिखवाए गए हैं। पिता काफी हद तक संतुष्ट हैं। मेडिकल रिपोर्ट भी अभी सीधे तौर पर दुष्कर्म की स्पष्ट रूप से पुष्टि नहीं कर रही। सीसीटीवी साक्ष्य भी पुष्टि नहीं कर रहे। फिर भी तथ्यों की जांच की जा रही है। प्रदर्शनकारियों की मांग के अनुसार जांच होने तक स्कूल बंद करा दिया गया है।-मृगांक शेखर पाठक, एसपी सिटी

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पिता बोले, सूचना देने में लापरवाही की

बच्ची का पिता नोएडा में जॉब करते हैं। वह बुधवार सुबह ही यहां पहुंचे। बातचीत में तय हुआ कि बच्ची के स्कूल के अंदर जाने से लेकर वापस घर जाने तक के सीसीटीवी दिखाए जाएं। इस पर पुलिस की एक टीम संग पिता को बच्ची सकुशल आते व जाते मिली। साथ में स्कूल के अंदर हुई घटना में सीसीटीवी में बच्ची स्टूल से गिरते, उसे टीचर द्वारा गोद में उठाने व उसके अंर्तवस्त्र उतारने संबंधी सीसीटीवी दिखाए। तब जाकर पिता शांत तो हुए। मगर यह आरोप मढ़ा कि जब इस तरह की घटना हुई तो परिवार को खबर नहीं दी गई, बल्कि स्कूल ने उस घटना पर चुप्पी साध ली। ये बड़ी लापरवाही है।

स्कूल में बंद किए बच्चे व स्टाफ
प्रदर्शन के बीच दोपहर में स्कूल की छुट्टी के समय जब अभिभावक अपने बच्चों को लेने पहुंचे तो एबीवीपी ने बच्चों व स्टाफ को अंदर बंद कर दिया। इस पर वहां प्रदर्शन कर रहे लोग दो गुटों में बंट गए। युवा भाजपा नेता अमित गोस्वामी, संजय शर्मा, हर्षद हिंदू, राकेश सहाय, जय यादव, बल्देव शीटू आदि के एक गुट ने कहा कि बच्चों को बंद नहीं किया जाए। साथ में ये इन नेताओं ने यह भी कहा कि इसमें स्कूल स्तर से लापरवाही पर कार्रवाई किया जाना चाहिए। तब काफी हुज्जत के बाद बच्चों को अभिभावकों संग घर भेजा गया। इधर, क्षत्रिय महासभा के डा.शेलेंद्र सिंह ने भी मामले में 48 घंटे में जांच पूरी करने को कहा है।

बीएसए ने मानी लापरवाही, होगी मान्यता रद्द करने की संस्तुति
इस विषय में जांच के लिए बीएसए डा.राकेश कुमार सिंह को भी भेजा गया। उन्होंने अपनी जांच के बाद कहा है कि अब तक की जांच में बच्ची के चोट आने व स्कूल में लापरवाही किए जाने की पुष्टि हो रही है। इस आधार पर स्कूल की मान्यता रद्द किए जाने की संस्तुति की जाएगी।
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आज मेडिकल बोर्ड करेगा निर्णय

पुलिस स्तर से बच्ची के दो मेडिकल परीक्षण कराए गए हैं। जिसमें एक मेडिकल कॉलेज से दुष्कर्म के संबंध में व दूसरा स्लाइड परीक्षण दीनदयाल अस्पताल में कराया है। दोनों में ये बात तो आई है कि बच्ची के पर चोट है। मगर यह चोट दुष्कर्म से ही है, ये नहीं उल्लेख किया। मतलब ये चोट किसी भी वजह से हो सकती है। इसे लेकर पुलिस स्तर से तय किया गया है कि आज तीन चिकित्सकों का मेडिकल बोर्ड बनवाकर इन दोनों रिपोर्टों का अध्ययन व सीसीटीवी साक्ष्य दिखाए जाएंगे। वही इसका निर्णय करेगा।

मेडिकल जांच में आरोप निराधार पाए गए : प्रबंधन
गगन पब्लिक स्कूल प्रबंधक उर्वशी गौड़ ने कहा है कि पुलिस जांच में मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोप निराधार पाया गया है। हमारे परिसर में चारों ओर सीसीटीवी लगे हैं। पुलिस व परिवार को दिखा दिए हैं। पुलिस की हर जांच में सहयोग किया जाएगा। मेडिकल रिपोर्ट से भी काफी कुछ साफ हो गया है। ये घटना सिर्फ एक दुर्घटना थी। इस बात से परिवार भी काफी हद तक संतुष्ट है। बाकी आगे जांच में जो भी पुलिस सहयोग मांगेगी, वह सहयोग दिया जाएगा। रहा सवाल लोगों के विरोध प्रदर्शन का तो वे गलत विरोध कर रहे हैं। उनके विषय में ज्यादा टिप्पणी करना अनुचित है।
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