बच्ची का पिता नोएडा में जॉब करते हैं। वह बुधवार सुबह ही यहां पहुंचे। बातचीत में तय हुआ कि बच्ची के स्कूल के अंदर जाने से लेकर वापस घर जाने तक के सीसीटीवी दिखाए जाएं। इस पर पुलिस की एक टीम संग पिता को बच्ची सकुशल आते व जाते मिली। साथ में स्कूल के अंदर हुई घटना में सीसीटीवी में बच्ची स्टूल से गिरते, उसे टीचर द्वारा गोद में उठाने व उसके अंर्तवस्त्र उतारने संबंधी सीसीटीवी दिखाए। तब जाकर पिता शांत तो हुए। मगर यह आरोप मढ़ा कि जब इस तरह की घटना हुई तो परिवार को खबर नहीं दी गई, बल्कि स्कूल ने उस घटना पर चुप्पी साध ली। ये बड़ी लापरवाही है।
स्कूल में बंद किए बच्चे व स्टाफ
प्रदर्शन के बीच दोपहर में स्कूल की छुट्टी के समय जब अभिभावक अपने बच्चों को लेने पहुंचे तो एबीवीपी ने बच्चों व स्टाफ को अंदर बंद कर दिया। इस पर वहां प्रदर्शन कर रहे लोग दो गुटों में बंट गए। युवा भाजपा नेता अमित गोस्वामी, संजय शर्मा, हर्षद हिंदू, राकेश सहाय, जय यादव, बल्देव शीटू आदि के एक गुट ने कहा कि बच्चों को बंद नहीं किया जाए। साथ में ये इन नेताओं ने यह भी कहा कि इसमें स्कूल स्तर से लापरवाही पर कार्रवाई किया जाना चाहिए। तब काफी हुज्जत के बाद बच्चों को अभिभावकों संग घर भेजा गया। इधर, क्षत्रिय महासभा के डा.शेलेंद्र सिंह ने भी मामले में 48 घंटे में जांच पूरी करने को कहा है।
बीएसए ने मानी लापरवाही, होगी मान्यता रद्द करने की संस्तुति
इस विषय में जांच के लिए बीएसए डा.राकेश कुमार सिंह को भी भेजा गया। उन्होंने अपनी जांच के बाद कहा है कि अब तक की जांच में बच्ची के चोट आने व स्कूल में लापरवाही किए जाने की पुष्टि हो रही है। इस आधार पर स्कूल की मान्यता रद्द किए जाने की संस्तुति की जाएगी।
पुलिस स्तर से बच्ची के दो मेडिकल परीक्षण कराए गए हैं। जिसमें एक मेडिकल कॉलेज से दुष्कर्म के संबंध में व दूसरा स्लाइड परीक्षण दीनदयाल अस्पताल में कराया है। दोनों में ये बात तो आई है कि बच्ची के पर चोट है। मगर यह चोट दुष्कर्म से ही है, ये नहीं उल्लेख किया। मतलब ये चोट किसी भी वजह से हो सकती है। इसे लेकर पुलिस स्तर से तय किया गया है कि आज तीन चिकित्सकों का मेडिकल बोर्ड बनवाकर इन दोनों रिपोर्टों का अध्ययन व सीसीटीवी साक्ष्य दिखाए जाएंगे। वही इसका निर्णय करेगा।
मेडिकल जांच में आरोप निराधार पाए गए : प्रबंधन
गगन पब्लिक स्कूल प्रबंधक उर्वशी गौड़ ने कहा है कि पुलिस जांच में मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोप निराधार पाया गया है। हमारे परिसर में चारों ओर सीसीटीवी लगे हैं। पुलिस व परिवार को दिखा दिए हैं। पुलिस की हर जांच में सहयोग किया जाएगा। मेडिकल रिपोर्ट से भी काफी कुछ साफ हो गया है। ये घटना सिर्फ एक दुर्घटना थी। इस बात से परिवार भी काफी हद तक संतुष्ट है। बाकी आगे जांच में जो भी पुलिस सहयोग मांगेगी, वह सहयोग दिया जाएगा। रहा सवाल लोगों के विरोध प्रदर्शन का तो वे गलत विरोध कर रहे हैं। उनके विषय में ज्यादा टिप्पणी करना अनुचित है।