टीईटी परीक्षा में लीक पेपर बेचने के आरोपी टप्पल के गांव हजियापुर के गौरव को जेल भेजने के बाद अब एसटीएफ उसे पेपर मुहैया कराने वाले निर्दोष व विष्णु की तलाश में है। बुधवार शाम तक टीम इन दोनों के लिए जिले में डेरा डाले रही। उनके परिवार से लेकर रिश्तेदार, करीबियों तक को रडार पर ले रखा है। क्योंकि बिना इनके पकड़े यह साफ नहीं होगा कि इन्हें पेपर कहां से मिला था।
टीईटी परीक्षा का पेपर व्हाट्सएप पर वायरल होने के बाद इस परीक्षा को स्थगित कर दिया गया था। इसके बाद हरकत में आई एसटीएफ ने धरपकड़ करते हुए अलीगढ़ मैलरोज इलाके से टप्पल हजियापुर के गौरव को गिरफ्तार किया। दो दिन तक पूछताछ के बाद उसे शामली में जेल भेजा गया है। एसटीएफ के अनुसार पूछताछ में गौरव ने स्वीकारा है कि उसे यह पेपर उसी के क्षेत्र के गांव गोंडा के निर्दोष व विष्णु ने यह पेपर उसे 5 लाख रुपये में मुहैया कराया था, जिसके बतौर एडवांस एक लाख रुपया वह उन्हें दे चुका है। आगे उसने 4 लोगों को दो-दो लाख में पेपर बेचा। उसी के जरिये पेपर शामली तक पहुंचा। अभी रुपये मिलने के बाद यह 4 लाख रुपये निर्दोष व विष्णु को देना शेष था। मगर उससे पहले गिरफ्तारी हो गई। निर्दोष कासगंज में बेसिक शिक्षा में शिक्षक बताया गया है। हालांकि गौरव को लेकर भी एसटीएफ निर्दोष के घर पहुंची थी, मगर वह नहीं मिला। इधर, अब उसे जेल भेजने के बाद से भी दोनों की सरगर्मी से तलाश जारी है। बुधवार को भी टीम जिले में डेरा डाले हुए है।
ऑनलाइन सॉल्वर गैंग से ही रडार पर था गौरव
एसटीएफ सूत्र बताते हैं कि टीईटी परीक्षा से पहले पुलिस भरती के ऑनलाइन सॉल्वर गैंग के पीछे लगी टीम के रडार पर भी गौरव था। मगर उसी बीच गौरव हाथ नहीं लगा और खैर बाईपास के मकान में पेपर सॉल्वर गैंग के तीन सदस्य मिल गए। उस समय टीम को यह अनुमान नहीं था कि वह टीईटी पेपर लीक में शामिल होगा। उसे लेकर पुलिस को पेपर सॉल्वर गैंग से जुड़े होने का इनपुट था।
गौरव का परिवार का पुराना नाता है इस रैकेट से
एसटीएफ के अनुसार गौरव का इस धंधे से पुराना नाता है। इससे पहले उसके परिवार का एक और सदस्य इसी धंधे में पकड़ा गया था। गौरव का नाम भी कई बार सामने आया। इसीलिए एसटीएफ उसे रडार पर लिए हुए थी।