रविवार को प्रस्तावित यूपी टीईटी परीक्षा के संबंध में बृहस्पतिवार को एसएमबी इंटर कॉलेज में प्रशासन ने बैठक आयोजित की। जिसमें अपर जिलाधिकारी प्रशासन डीपी पाल व अपर जिलाधिकारी नगर राकेश पटेल, पुलिस अधीक्षक नगर कुलदीप सिंह गुनावत ने परीक्षा केंद्र व्यवस्थापक, सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टेटिक मजिस्ट्रेट, पर्यवेक्षक, सचल दल प्रभारियों के साथ परीक्षा के संबंध में चर्चा की। साथ ही परीक्षा को शांतिपूर्ण एवं नकलविहीन संपन्न कराने के निर्देश प्रदान किए। परीक्षा की हर हरकत की वीडियोग्राफी करने के भी अधिकारियों ने निर्देश दिए।
यहां अधिकारियों ने केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देश देते हुए कहा कि सीसीटीवी कैमरे लगातार क्रियाशील होने चाहिए। परीक्षा के संबंध में प्रश्नपत्र खोलने से लेकर सील बंद करने तक वीडियोग्राफी कराई जाए। सीसीटीवी कैमरों की फीडिंग सहित पूरी वीडियोग्राफी रिकॉर्डिंग सीडी अथवा पेनड्राइव में तीन प्रतियों में तैयार की जाए। परीक्षा प्रारंभ होने के निर्धारित समय से 30 मिनट पहले तक ही अभ्यर्थियों को प्रवेश देना है। परीक्षा केंद्रों के 200 गज की परिधि में सीआरपीसी की धारा 144लागू होगी। परीक्षा से संबंधित लोगों को छोड़कर अन्य किसी भी व्यक्ति का प्रवेश पूरी तरीके से प्रतिबंधित रहेगा, जबकि परीक्षा के दौरान आसपास की फोटो स्टेट की दुकानें बंद रहेंगी। अभ्यर्थियों के प्रवेश की रिकार्डिंग करनी है। इसके अलावा सचल दल, स्टेटिक मजिस्ट्रेट तथा पर्यवेक्षक दलों को केंद्रों का सघन निरीक्षण करना है।
कक्ष निरीक्षक वास्तविक अभ्यर्थी का मिलान करके प्रवेशपत्र, पहचानपत्र और परिचय पत्र पर अंकित फोटो तथा पत्रक में अंकित फोटो से मिलान करेंगे। अभ्यर्थियों के साथ-साथ, कक्ष निरीक्षक तथा अन्य किसी भी कर्मचारी को मोबाइल, नोटबुक या अन्य कोई यांत्रिक एवं इलेक्ट्रानिक डिवाइस ले जाने की अनुमति नहीं है। परीक्षा केंद्र पर केंद्र व्यवस्थापक, नामित पर्यवेक्षक, स्टेटिक मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट को भी कैमरा युक्त मोबाइल फोन, स्मार्ट फोन ले जाने की अनुमति नहीं है। केंद्र व्यवस्थापक, पर्यवेक्षक, स्टेटिक मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट परीक्षा केंद्र पर अपने साथ सामान्य कीपैड वाला फोन ले जा सकते हैं। अभ्यर्थियों को परीक्षा कक्ष के अंदर काले बॉल प्वाइंट पेन के अलावा अन्य किसी भी पाठ्य सामग्री, कैलकुलेटर, लॉक टेबल, इलेक्ट्रॉनिक घड़ी, कागज के टुकड़े, मोबाइल आदि ले जाने की अनुमति नहीं होगी। प्रश्नपत्र खोलने की वीडियो रिकॉर्डिंग कर इसके प्रमाणपत्र पर भी हस्ताक्षर करने होंगे। जिस अभ्यर्थी के पास वैध प्रवेश पत्र, पहचान पत्र की मूल प्रति एवं निम्नलिखित प्रमाणपत्र नहीं होगा, उसे केन्द्र अधीक्षक द्वारा किसी भी स्थिति में परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रमाणपत्रों में प्रशिक्षण योग्यता का मूल प्रमाण अथवा किसी भी सेमेस्टर के निर्गत अंकपत्र की मूल प्रति या संबंधित प्रशिक्षण संस्था के प्राचार्य अथवा सक्षम अधिकारी द्वारा इंटरनेट से प्राप्त अंकपत्र की प्रमाणित प्रति दिखानी होगी। इस मौके पर डीआईओएस डॉ. धर्मेंद्र शर्मा, मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. जितेंद्र मलिक आदि मौजूद रहे।