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Aligarh News: रात का सफर हुआ मुश्किल, बाईपास से गुजर रहीं रोडवेज बसें

Mon, 30 Dec 2024 09:49 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

क्षेत्रीय प्रबंधक रोडवेज सत्येंद्र वर्मा ने कहा कि नियमानुसार रोडवेज बसों को शहर के बस स्टैंड के अंदर आना चाहिए। यात्रियों को बैठा कर और उतार कर जाना चाहिए। यदि फिर भी बसें स्टैंड में नहीं आ रही हैं तो ऐसी जानकारी कर उनके चालक-परिचालकों के खिलाफ संबंधित डिपो के प्रभारियों को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा जाएगा।
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खैर बाईपास पर रोडवेज बस में चढ़ते यात्री - फोटो : संवाद
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विस्तार
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अलीगढ़ शहर में रोजाना लगभग 800 रोडवेज बसें आती हैं, इनमें से 400 ही स्टैंड पर आ रहीं हैं, बाकी हाईवे से गुजर रहीं हैं। बसों के स्टैंड पर नहीं आने से यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें कड़ाके की सर्दी और कोहरे में कई किलोमीटर का सफर तय कर हाईवे और बाईपास पर जाना पड़ रहा है। जहां से उन्हें बस मिल रही है।

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सारसौल बस स्टैंड पर शनिवार रात अलीगढ़ एवं बुद्ध विहार डिपो की दो बसें खड़ी थीं। एक बस को नोएडा तो दूसरी को बल्लभगढ़ जाना था। स्टैंड पर बुलंदशहर, खुर्जा, मेरठ, हरिद्वार, ऋषिकेश, सहारनपुर, देहरादून आदि जाने वाली बसें नदारद थीं। बस स्टैंड परिसर में यह नजारा यहां आम है। बस स्टैंड परिसर में लगे बोर्ड के अनुसार यहां से नोएडा, बल्लभगढ़, गभाना, खुर्जा, बुलंदशहर, मेरठ, हरिद्वार, ऋषिकेश, देहरादून, सहारनपुर, गढ़मुक्तेश्वर, बागपत, दिल्ली आदि शहरों के लिए बसों की आवाजाही होती है, लेकिन यह सिर्फ इस बोर्ड तक ही सीमित है। हकीकत इससे अलग है। कुछ बसें ही स्टैंड पर आती हैं। बाकी डिपो की बसों के चालक मनमानी करते हैं और सीधे हाईवे के रास्ते बसों को लेकर निकल जाते हैं।

यह केवल दिन की बात नहीं है बल्कि शाम से लेकर देर रात तक यही होता है। रात के समय तो अधिकांश बसें शहर में अंदर आए बिना ही हाईवे से गुजर जातीं हैं। इसके चलते यात्रियों को ठंड में हाईवे तक की दौड़ लगानी पड़ रही है। इससे उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रात में असुरक्षा भी महसूस होती है। शहर में रोजाना विभिन्न डिपो की 800 से अधिक बसों का आवागमन होता है, लेकिन इनमें से लगभग 400 बसें ही स्टैंड तक आतीं हैं। पूछताछ काउंटर पर बसों के आने की जानकारी करने वाले यात्रियों की भीड़ लगी रहती है, लेकिन कर्मी समय की जानकारी नहीं दे पाते हैं।

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नियमानुसार रोडवेज बसों को शहर के बस स्टैंड के अंदर आना चाहिए। यात्रियों को बैठा कर और उतार कर जाना चाहिए। यदि फिर भी बसें स्टैंड में नहीं आ रही हैं तो ऐसी जानकारी कर उनके चालक-परिचालकों के खिलाफ संबंधित डिपो के प्रभारियों को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा जाएगा। जो बसें शहर में नहीं आ रही हैं उन बसों को शहर में लाने के लिए चेकिंग स्टाफ की तैनाती की जाएगी।-सत्येंद्र वर्मा, क्षेत्रीय प्रबंधक रोडवेज अलीगढ़ परिक्षेत्र।

केस एक
मसूदाबाद बस स्टैंड पर खड़े अमित गुप्ता को मेरठ जाना था, काफी देर तक बस नहीं आई। पता चला कि बसें शहर के अंदर नहीं आ रही हैं, बाईपास से ही बस मिलेगी। अमित ने ऑटो पकड़ा और हाईवे पहुंचे, वहां बस मिली।
केस- दो
कुलदीप सिंह को आगरा जाना था। सारसौल के सैटेलाइट बस स्टैंड पहुंचे तो बस नहीं थी। पूछताछ केंद्र पर जानकारी की तो पता चला कि बस सासनीगेट चौराहे से आगे हाईवे से मिलेगी। मजबूरी में कुलदीप को दूसरे वाहन से हाईवे पर जाना पड़ा।
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