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UP: अपहरण करने वाली महिला को ही मां समझती रही टीना, बेटी को देखा तो उमड़ी ममता; गोद में लेकर दुलारा और चूमा

Tue, 22 Jul 2025 03:19 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

अलीगढ़ रेलवे स्टेशन से नि:संतान दंपती ने बच्ची को अगवा किया था। बच्ची संभल के एक घर में मिली है। अलीगढ़ रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या पांच से अपहृत बच्ची को धनारी ले गए थे। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की मदद से पीछा करते हुए पुलिस टीम पहुंची।
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बच्ची का अपहरण करने वाला आरोपी दंपती और बरामद बच्ची परिजन के साथ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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अलीगढ़ रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या पांच से शनिवार देर रात अपहृत बच्ची को जीआरपी व आरपीएफ की टीम ने रविवार की देर रात संभल के थाना धनारी के चतुर्भानपुर के एक घर से ढूंढ निकाला। पूछताछ में दंपती ने स्वीकार किया कि शादी के पांच साल बाद भी उनकी कोई संतान नहीं है। 
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स्टेशन पर बच्ची लावारिस घूमती मिली तो दोनों के मन में लालच आ गया। उन्होंने पालने के इरादे से ही बच्ची को उठाया था। दंपती को जेल भेज दिया गया है। बच्ची को उसके माता-पिता को सौंप दिया गया।

एसपी रेलवे अभिषेक वर्मा ने बताया कि सासनी गेट के पला रोड होली चौक निवासी करन प्रकाश की तीन साल की बेटी टीना को रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या पांच से अगवा कर लिया गया था। वह अपनी पत्नी और बच्ची के साथ दिल्ली जा रहे थे। 
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बच्ची के गायब होने के बाद जीआरपी और आरपीएफ की टीमों ने पड़ताल शुरू की। शहर के अलग-अलग स्थानों के सीसीटीवी फुटेज चेक करते हुए रिक्शा, ऑटो चालक से जानकारी के आधार पर महेश यादव निवासी ग्राम नगला चतुर्भानपुर, थाना धनारी, संभल व उसकी पत्नी रुक्मिणी को गिरफ्तार किया गया है। 

इनके पास ही बच्ची टीना भी मिल गई। एसपी रेलवे के अनुसार महेश यादव ने पांच साल पहले दरभंगा बिहार की रुक्मिणी से विवाह किया था। दो साल बाद एक बच्ची पैदा हुई लेकिन जन्म के बाद ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद कोई संतान नहीं हो सकी। 

बच्चा न होने पर दोनों ने किसी और बच्चे को घर लाकर पालने का मन बना लिया। महेश दिल्ली में ठेल लगाने का काम करता है। पिछले दिनों पत्नी को साथ लेकर पैतृक घर घूमने आया था। यहां से दोनों वापस दिल्ली जाने के लिए अलीगढ़ स्टेशन पहुंचे थे।
 

200 से अधिक सीसीटीवी कैमरे बने मददगार
बच्ची के अपहरण की सूचना पर जीआरपी इंस्पेक्टर संदीप तोमर, आरपीएफ पोस्ट कमांडर अमित कुमार सिंह के नेतृत्व में गठित चार टीमों ने अलीगढ़ से बदायूं तक अलग-अलग 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाले। एसपी रेलवे ने बताया कि बच्ची को सकुशल बरामद करने वाली टीम को 10 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा।

अपहरण करने वाली महिला से घुलमिल गई थी टीना, गोद में लेते ही हो गई चुप
अपहरण के बाद महेश व रुक्मिणी ने टीना को चंद घंटे ही अपने पास रखा लेकिन बच्ची उनसे इस कदर घुल-मिल गई कि जब उसे स्टेशन पर आरोपियों की गोद से लिया गया तो वह रोने लगी। महिला पुलिस कर्मी के काफी प्रयासों के बाद भी उसे चुप नहीं कराया जा सका। जब रुक्मिणी ने उसे अपनी गोद में लिया तो वह तुरंत ही चुप हो गई और उसके गले से चिपक गई। इसके बाद बच्ची की मां उर्मिला, पिता करन प्रकाश व भाई सुमित के पास मुश्किल से गई।
 

महेश यादव ने बताया कि स्टेशन पर बच्ची को मैंने रोते हुए देखा। बच्ची के पास में कोई नहीं था। पिता सोए हुए थे। जब बच्ची को गोद में लेकर दुलारा तो वह चुप हो गई। इसको देखकर उसके मन में लालच आ गया। पत्नी से बातचीत की तो वह भी तैयार हो गई। उसके बाद दोनों बच्ची को लेकर घर आ गए।

घर पर महेश ने परिजनों को बताया कि बच्ची उन्हें लावारिस मिली थी तो उन्होंने टीना का स्वागत किया। हालांकि पुलिस दंपती के इस बयान को सही नहीं मान रही है। यह भी जांच कर रही है कि कहीं वह बच्चा चोर गिरोह से तो जुड़े हुए नहीं हैं। इनका आपराधिक रिकाॅर्ड खंगाला जा रहा है।

अपहरण करने वाली महिला को ही मां समझती रही टीना
मासूम टीना के अपहरण व सकुशल बरामदगी के बाद एक अनोखा मंजर भी देखने को मिला। जिसे देख कुछ पल के लिए सभी की आंखे नम हो गई। बच्ची का अपहरण करने वाले महेश व रुक्मिणी ने चंद घंटे ही अपने पास रखा, लेकिन बच्ची इस कदर उनसे घुल-मिल गई कि जब उसे स्टेशन पर आरोपियों की गोद से लिया गया तो वह रोने लगी। महिला पुलिस कर्मी के काफी प्रयासों के बाद भी उसे चुप नहीं कराया जा सका। 
 

आखिरकार बच्ची को रुक्मिणी ने अपनी गोद में लिया तो वह तुरंत ही चुप हो गई और उसके गले से चिपक गई। इसके बाद बच्ची मां उर्मिला, पिता करन प्रकाश व भाई सुमित के पास मुश्किल से गई ।

मेरी गुड़िया रानी मेरे पास आ गई ...
मां को ममता की प्रतिमूर्ति यूं ही नहीं कहा जाता है। जो अपनी संतान के लिए सब कुछ करने को तैयार हो जाती है। ऐसा ही नजारा रविवार देर रात जीआरपी थाने मे देखने को मिला। जब अपहृत तीन साल की मासूम टीना व आरोपी दंपती को लेकर पुलिस वहां पहुंची तो बच्ची की मां उर्मिला इंतजार करती मिली। इस बीच परिजनों व रिश्तेदारों के लगातार फोन आते रहे। मां ने बच्ची का अपहरण हो जाने के बाद से कुछ भी खाया-पीया नहीं था। बस एक ही रट लगा रखी थी कि मेरी बेटी को ले आओ।

थाने में बेटी टीना की एक झलक देखते ही उसकी ममता उफान मारने लगी और वह टीना को गोद में लेने को बैचेन हो उठी। खुशी से उसकी आंखों से आंसू छलक पड़े और बेटी को गोद में लेकर अपने सीने से लगाकर उसे कई बार चूमा। मां उर्मिला बोली, मेरी गुडिया रानी मेरे पास आ गई। बच्ची को रात में ही माता-पिता की सुपुर्दगी में दे दिया गया। करन प्रकाश व उर्मिला बोले, पुलिस अगर उनकी मदद न करती तो शायद ही बच्ची टीना उन्हें वापस मिल पाती।
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रो रही थी बच्ची, चुप कराया तो नीयत बदली
अपहरण करने वाले महेश यादव ने बताया कि स्टेशन पर बच्ची को मैंने रोते हुए देखा। बच्ची के पास में कोई नहीं था पिता सोए हुए थे और वह लावारिस रो रही थी। जब बच्ची को गोद में लेकर दुलारा तो वह चुप हो गयी। इसको देखकर उसके मन में लालच आ गया। पत्नी से बातचीत की तो वह भी तैयार हो गई और बच्ची को लालन- पालन के लिए लेकर घर चला आया। घर पर महेश ने परिजनों को बताया कि बच्ची उन्हें लावारिस मिली थी तो उन्होंने टीना का स्वागत किया। हालांकि पुलिस आरोपी दंपती के इस बयान को सही नहीं मान रही है। यह भी जांच कर रही है कि कहीं वह बच्चा चोर गिरोह से तो जुड़े हुए नहीं हैं। इनका आपराधिक रिकाॅर्ड खंगाला जा रहा है।
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