यूपी बोर्ड ने जिले के 60 कॉलेजों को डिबार कर दिया है। अपात्र व्यक्तिगत छात्रों के परीक्षा फॉर्म बोर्ड को भेजने सहित अन्य खामियों को लेकर बोर्ड ने 60 कॉलेज पर बड़ी कार्रवाई की है। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि बोर्ड ने 60 कॉलेजों को परीक्षा केंद्र न बनाने का फैसला करते हुए उन्हें डिबार कर दिया है।
वहीं दूसरी तरफ यूपी बोर्ड ने अपात्र व्यक्तिगत छात्रों के परीक्षा फॉर्म बोर्ड को भेजने पर आगरा जिले के नौ कॉलेजों को 10 साल और नकल के मामले में एक कॉलेज को तीन साल के लिए डिबार कर दिया है। यह परीक्षाओं में तय अवधि तक केंद्र नहीं बनाए जाएंगे। बोर्ड ने 2017 में इन नौ कॉलेजों को व्यक्तिगत छात्रों के फॉर्म के लिए अग्रसारण केंद्र बनाया गया था। इनको सभी के फॉर्म का सत्यापन करके अपात्र विद्यार्थियों को बाहर कर पात्र के परीक्षा फॉर्म बोर्ड को भेजने थे। इसमें कॉलेज स्टाफ ने फॉर्म के सत्यापन में लापरवाही बरतते हुए व्यक्तिगत छात्रों के परीक्षा फॉर्म बोर्ड को भेज दिए।
बोर्ड की जांच में अपात्र छात्र पकड़ में आए और इन कॉलेजों की जांच करवाई। जांच में कॉलेज स्टाफ की लापरवाही मिली, इस पर बोर्ड ने कार्रवाई करते हुए 2027 तक परीक्षा केंद्र न बनाने का निर्णय लिया है। जेडी डॉ. मुकेश अग्रवाल ने बताया कि बोर्ड ने सूची जारी कर दी है, इनको परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा।
यह नौ कॉलेज 2027 तक डिबार किए गए हैं। परीक्षा समिति की बैठक में यह रिपोर्ट रखी, जहां केंद्र व्यवस्थापक, कक्ष निरीक्षक समेत कॉलेज को तीन साल के लिए डिबार कर दिया है।