पथरी के इलाज में पित्त की थैली का गलत ऑपरेशन करने का मामला सामने आया है। अप्रशिक्षित ने इलाज के नाम पर 50 हजार रुपये भी ले लिए। हालत बिगड़ने पर डिस्चार्ज कर दिया। इसके बाद दिल्ली के जीबी पंत अस्पताल में उपचार के बाद पीड़ित की जान बची। पीड़ित ने 20 फरवरी को डीएम से इस मामले की शिकायत की। उन्होंने सीएमओ को जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
अतरौली कोतवाली क्षेत्र के गांव नहल निवासी मेहर सिंह पुत्र चंद्रपाल सिंह ने बताया कि उसकी पित्त की थैली में पथरी थी। उपचार के लिए वह रामघाट रोड पर संचालित बिना लाइसेंस वाले नर्सिंग होम में चला गया। नर्सिंग होम संचालक ने गारंटी के साथ इलाज शुरू कर दिया। आरोप है कि पीड़ित के मना करने के बाद भी 6 नवंबर 2024 को पित्त की थैली का ऑपरेशन कर दिया। 50 हजार रुपये ऐंठ लिए।
ऑपरेशन के बाद उसकी हालत खराब होने लगी तो डिस्चार्ज कर दिया। हालत बिगड़ी तो परिजन मेरठ और वहां से दिल्ली के जीबी पंत अस्पताल ले गए। वहां के चिकित्सकों ने बताया कि पूर्व में किए गए गलत ऑपरेशन के कारण इतनी परेशानी हुई है। पीड़ित का कहना है कि उपचार में अब तक साढ़े छह लाख रुपये खर्च हो चुके हैं, जो जमीन गिरवी रखकर ब्याज पर लिया था।