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Aligarh News : विधायक के फर्जी पास लगी दो गाड़ियां पकड़ीं, एक युवक गिरफ्तार

Tue, 25 Apr 2023 11:34 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

एसएसपी कलानिधि नैथानी सोमवार देर शाम पुलिस टीम के साथ पैदल गश्त कर रहे थे। इस दौरान रामघाट रोड पर शांति नर्सिंग होम के पास दो कार खड़ी दिखाई दीं, जिन पर विधानसभा सचिवालय से विधायकों को जारी होने वाले पास लगे मिले। पास जाली थे। 
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लक्ष्मीबाई मार्ग पर वाहनों की चैकिंग करातेें एसएसपी कलानिधि नैथानी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अलीगढ़ जिले में विधानसभा सचिवालय से विधायकों को मिलने वाले कार पास लगाकर घूमती गाडिय़ों पर अब शिकंजा कसा जाएगा। सोमवार देर रात पैदल गश्त के दौरान एसएसपी को रामघाट रोड पर ऐसे पास लगी दो गाडिय़ां मिलीं, जिनकी जांच कराई तो पास फर्जी पाए गए। इस दौरान दोनों कारों को जब्त कर उनमें से एक के स्वामी को गिरफ्तार किया गया है। मामले में क्वार्सी थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। वहीं दूसरे कार स्वामी की तलाश हो रही है। 

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हुआ यूं कि एसएसपी कलानिधि नैथानी सोमवार देर शाम पुलिस टीम के साथ पैदल गश्त कर रहे थे। इस दौरान रामघाट रोड पर शांति नर्सिंग होम के पास दो कार खड़ी दिखाई दीं, जिन पर विधानसभा सचिवालय से विधायकों को जारी होने वाले पास लगे मिले। गौर से देखने पर पाया कि दोनों पासों पर एक ही नंबर 0149 अंकित है। ये पास विधायक विधानसभा सचिवालय श्री लाल बहादुर शास्त्री भवन अथवा लोक भवन के अलावा सचिवालय के सभी भवनों के लिए मान्य है। मगर दोनों गाडिय़ों पर पास के एक ही नंबर होने पर उनमें से एक कार में सवार युवक को सीओ तृतीय व टीआई ने पूछताछ के लिए बुलाया। 
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साथ में एसएसपी स्तर से विधानसभा सचिवालय एसपी को पास का फोटो भेजकर जानकारी की तो उन्हें संदिग्ध करार दिया। इस पर कार सवार युवक रिद्धिम गुप्ता निवासी रमेश विहार गंगा रेजीडेंसी से सख्ती से पूछताछ की तो उसने स्वीकार किया कि ये पास फर्जी हैं। उसने खुद तैयार किए हैं। इस पर दोनों कार जब्त कर थाने भेज दी गईं। उनके शीशे पर लगे पास जब्त कर लिए गए और रिद्धिम को गिरफ्तार कर लिया गया। मामले में टीआई की ओर से रिद्धिम के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। पूछताछ में रिद्धिम ने स्वीकारा कि उसके पिता व्यापारी हैं और वह खुद इंजीनियरिंग का छात्र है। उसने किसी परिचित की मदद से ये पास तैयार किए। दूसरे कार स्वामी की पहचान नगला श्याम विहारी धनीपुर के गौरव यादव के रूप में हुई। पुलिस उसकी तलाश में भी जुट गई है। 

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स्कैन कराकर धड़ल्ले से प्रयोग हो रहे ये पास

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार विधानसभा सचिवालय से किसी भी विधायक को उनके वाहन के लिए सिर्फ दो पास जारी होते हैं। मगर देखने में आ रहा है कि अपने जिले में एक ही नंबर के कई कई पास प्रयोग कर वाहन दौड़ाए जा रहे हैं। इसमें पुलिस जांच में सामने आ रहा है कि किसी परिचित के माध्यम से विधायकों को मिलने वाले पास स्कैन करा लिए जाते हैं या फिर उनकी कॉपी तैयार कर ली जाती है। नंबर विधायकों के नंबर से मिलता जुलता ही प्रयोग किया जाता है, ताकि पकड़ में न आ जाएं। इसके पीछे का मकसद वाहन चलाते समय रुआब, पुलिस चेकिंग में रोकटोक न होना और टोल पर फ्री सुविधा पाना है। 

सचिवालय भेजा जा रहा पत्र, नंबर से खुलेगा भेद
ये जो दो पास पकड़े गए हैं, उसे लेकर एक पत्र विधानसभा सचिवालय भेजा जा रहा है। पास पर अंकित नंबर के आधार पर यह जानकारी मांगने का प्रयास किया गया है कि आखिर यह नंबर किस विधायक के लिए आवंटित है। दोनों पासों पर वैधता 2026 तक अंकित है। हालांकि खुद युवक ने इन्हें फर्जी करार दिया है। मगर वहां से जानकारी में आएगा कि यह किस विधायक के पास  कापी किए गए हैं।

ये कार की गईं जब्त
स्विफ्ट कार नंबर यूपी 16 एक्यू 2942
स्विफ्ट कार नंबर यूपी 81 एआर 8895 

निकाय चुनाव के मद्देनजर ऑपरेशन नकेल के तहत वाहनों की चेकिंग में यह फर्जी पास युक्त दो वाहन पकड़े गए हैं। यह फर्जीवाड़ा और विधायकों व विधानसभा की सुरक्षा से भी जुड़ा विषय है। उन लोगों से अपील है, जो ये पास लगाकर चल रहे हैं या तो वे हटा लें, अन्यथा उन पर भी गिरफ्तारी, मुकदमा आदि की कार्रवाई होगी। -कलानिधि नैथानी, एसएसपी
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