अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय टीचर्स एसोसिएशन (अमुटा) की बुधवार को हुई बैठक के संबंध में दो विरोधी स्थितियां उभर कर सामने आईं। अमुटा के प्रोफेसर मुसब्बिर अली ने दावा किया कि उन्हें सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुन लिया गया है, क्योंकि निवर्तमान अध्यक्ष प्रोफेसर हामिद अली सेवानिवृत्त हो गए हैं।
मगर अमुटा सचिव प्रो.नजमुल इस्लाम ने इस चयन को अवैध करार दिया है। वहीं मुसब्बिर अली ने यह दावा भी किया है कि बृहस्पतिवार को अमुटा द्वारा नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रस्तावित प्रोटेस्ट मार्च में प्रसिद्ध इतिहासकार प्रो.इरफान हबीब व्याख्यान देंगे, जबकि अमुटा सचिव ने कहा है कि हमारे प्लेटफार्म का इस्तेमाल इसके लिए नहीं होगा।
बुधवार को अमुटा की जनरल बॉडी की मीटिंग एएमयू स्टाफ क्लब पर हुई। निवर्तमान अध्यक्ष प्रो. हामिद अली के रिटायर होने के बाद अमुटा अध्यक्ष का पद खाली चल रहा था। नवनिर्वाचित अध्यक्ष डॉ. मुसब्बिर अली ने बताया नागरिकता संशोधन कानून को लेकर बृहस्पतिवार को सुबह 11 बजे स्टाफ क्लब पर पहले प्रो. हबीब व्याख्यान देंगे।
इसके बाद सभी शिक्षक मानव शृंखला बनाकर कानून का विरोध करेंगे। इस दौरान प्रोफेसर इरफान हबीब भी संबोधन देंगे। बैठक में प्रो. आफताब आलम, डॉ. मोहिबुल हक, डॉ. नोमान तारिक, मो. इरशाद खान, डॉ. मो. अयाज, डॉ. दानिश मेहमूद, डॉ. अब्दुर रहमान, डॉ. नज्म खलिक आदि मौजूद थे।
अमुटा के विधान में कहीं भी यह प्रावधान नहीं है कि अध्यक्ष के पद से हटने के बाद कोई बैठक करके और अध्यक्ष पद पर सर्वसम्मति से स्थायी रूप से अध्यक्ष को नियुक्त कर दिया जाए। जो प्रावधान है उसके अनुसार अध्यक्ष के नहीं रहने पर अगर अध्यक्ष बनाया भी जाता है तो वह केवल एकमात्र उस बैठक के लिए ही बनाया जाता है।
बुधवार को जिस तरह अध्यक्ष पद के लिए नाम की घोषणा की गई है, वह अमुटा के विधान के विपरीत है। इसके अलावा अमुटा के प्लेटफार्म से प्रोफेसर इरफान हबीब का कोई भी व्याख्यान नहीं होना है। अमुटा बृहस्पतिवार को नागरिकता संशोधन कानून के विपक्ष में अपना शांतिपूर्ण विरोध मार्च कैंपस में निकाल रही है। इसके अलावा और जो कुछ भी बातें कही जा रही हैं, वह सही नहीं हैं। -प्रोफेसर नजमुल इस्लाम अमुटा सचिव