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अलीगढ़ : दो साल से अचल रोड के दो सौ लोग पी रहे गंदा पानी

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अचलताल पर खराब हैंडपंप से पास खड़ीं महिलाएं। - फोटो : CITY OFFICE
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स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत अचल सरोवर के विकास का काम तेजी से चल रहा है लेकिन सीवर लाइन की खुदाई व अन्य कार्यों की वजह से पानी की पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। इसके चलते वार्ड नंबर 33 गांधी नगर स्थित अचल रोड के करीब दो सौ लोग पिछले दो साल से गंदा पानी पीने के लिए मजबूर हैं। लोगों के मुताबिक, करीब 50 साल पुरानी पाइप लाइन से पानी की आपूर्ति हो रही है। यहां 25 प्रतिशत इलाके में नई पाइप लाइन पड़ी है, जहां साफ पानी आता है।
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अचल रोड के लोगों का कहना है कि कई बार इस मुद्दे को अधिकारियों के समक्ष उठाया गया, मगर समाधान आज तक नहीं हुआ। लीकेज के कारण नालियों का गंदा पानी सप्लाई के समय घरों के नलों में आता है। ऐसे में इधर-उधर जुगत लगाकर, मंदिरों की टंकी से या फिर सरकारी ट्यूबवेल से पानी भरने के लिए मजबूर हैं। पानी भरने के लिए कतार लगानी पड़ती है। लोगों ने बताया कि साफ पानी न आने से नहाने-धोने में परेशानी होती है। दो साल पहले यह समस्या नहीं थी, जब से स्मार्ट सिटी के तहत अचल सरोवर पर खुदाई शुरू हुुई है, तब से यह समस्या हो गई है।
ये है स्थिति
- वार्ड 33 - गांधीनगर (अचल रोड)
- वार्ड की आबादी 22 हजार।
- जलस्तर 220 से 250 फुट।
- वार्ड में 200 सरकारी हैंडपंप। 40 हैंडपंप खराब हालत में हैं।
- चार ट्यूबवेल, जिससे पानी की आपूर्ति होती है। एक नया ट्यूबवेल अभी चालू नहीं है।
- एक पानी की टंकी।
- 50 साल पुरानी पानी पाइप लाइन से जलापूर्ति।
- वार्ड का टीडीएस 600 से 800 है। पीने लायक पानी का टीडीएस 150 तक होना चाहिए।
- वार्ड की 22 हजार की आबादी है। अचल रोड पर गंदे पानी की समस्या की कोई सूचना नहीं है। अगर ऐसा है तो लोग हमसे संपर्क कर सकते हैं, क्योंकि कई बार पता नहीं चल पाता। समस्या का जल्द ही निराकरण होगा। - अलका गुप्ता, पार्षद
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कल घर-घर जाकर सर्वे करेगी टीम
गंदे पानी की आपूर्ति का मामला संज्ञान में आया है। कल पूरे वार्ड और अचल रोड इलाके में टीम भेजी जाएगी। टीम द्वारा घर-घर जाकर सर्वे कराया जाएगा। समस्या का निदान खोज कर जल्द ही इसका निस्तारण कराया जाएगा।
अरुण कुमार गुप्त, अपर नगर आयुक्त
पानी उबाल कर पीना पड़ता है। दो साल से गंदे पानी की समस्या से परेशान हैं। कई बार अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं लेकिन समाधान नहीं हो रहा है। - विराट कुमार
एक तरफ अचल को पर्यटन स्थल बनाया जा रहा है, दूसरी तरफ यहां के लोगों को सरकार नजरअंदाज कर रही है। ये कैसा दोहरा मापदंड है। अधिकारी कहते हैं, सब सही है। - राकेश कुमार
मजदूर वर्ग के लोग हैं। सुबह-शाम इतनी दिक्कत है। एक तो गर्मी, ऊपर से साफ पानी के लिए भागदौड़ करनी पड़ती है। सुबह नहाने धोने लायक भी पानी नहीं आता। - रीता देवी
अचल सरोवर और आसपास का इलाका धार्मिक स्थलों से जुड़ा हुआ है। अगर यहां भी पानी गंदा है, तो दूसरी जगहों का क्या हाल होगा। जगह-जगह से सड़कें खोद दी हैं। - राधा देवी
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