मथुरा में गोवर्धन परिक्रमा देकर लौट रहे टप्पल थाना क्षेत्र के गांव फौजूआका निवासी दो दोस्तों की शनिवार देर रात सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
गांव फौजूआका निवासी टेकचंद गौतम उर्फ टीका (30) पुत्र मनोहर लाल गौतम व अरुण कुमार गौतम (32) पुत्र कुंवरपाल गौतम दोनों दोस्त थे। परिजनों ने बताया कि दोनों दोस्त शनिवार को बाइक से गोवर्धन परिक्रमा के लिए गए थे। देर रात परिक्रमा पूरी करने के बाद वे अपने गांव लौट रहे थे। रविवार सुबह करीब पांच बजे मथुरा के थाना छाता क्षेत्र में शेरगढ़-छाता मार्ग पर सीएनजी पंप और कोका कोला कंपनी के पास तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी है।
दोस्तों की एक साथ उठीं अर्थियां तो बिलख पड़े लोग
दो दोस्तों के मौत से गांव फौजूआका में मातम छा गया है। ग्रामीणों और परिजनों ने बताया कि परिक्रमा के दौरान उनका एक रिश्तेदार भी उनके साथ था। लौटते समय वह एक पेट्रोल पंप पर ईंधन डलवाने के लिए रुक गया, जबकि टेकचंद और अरुण बाइक से लगातार आगे बढ़ते रहे।
पेट्रोल डलवाने के बाद जब रिश्तेदार आगे पहुंचा तो उसने दोनों दोस्तों को सड़क पर लहूलुहान और मृत अवस्था में पाया। इसके बाद उसने तत्काल घटना की जानकारी मृतकों के परिजनों को दी। हृदय विदारक घटना की खबर रविवार सुबह करीब 06:15 बजे परिजनों को मिली। सूचना मिलते ही दोनों परिवारों में कोहराम मच गया और रोते-बिलखते परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे। कानूनी प्रक्रिया के बाद दोपहर में दोनों के शव गांव लाए गए।
टेकचंद गौतम एक निजी कंपनी में नौकरी करते थे, वहीं अरुण कुमार गांव में ही खेती कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। अरुण अपने दो भाइयों और एक बहन में छोटे थे, दोनों युवक विवाहित थे और अपने पीछे वृद्ध माता-पिता, पत्नियों तथा एक-एक बेटा और एक-एक बेटी वाले हंसते-खेलते परिवार को रोता-बिलखता छोड़ गए हैं। टेकचंद ने अपने पीछे पत्नी ज्योति, तीन वर्षीय बेटी हिमांशी व चार वर्षीय बेटे चमन तथा मृतक अरुण ने बेटी राधिका, बेटा प्रशांत व पत्नी डॉली को रोते बिलखते छोड़ा है।
पोस्टमार्टम के बाद गमगीन माहौल में रविवार दोपहर करीब तीन-चार बजे के करीब जब दोनों मित्रों की अर्थियां एक साथ उठीं, तो पूरे गांव की आंखें नम हो गईं।