देवताओं की नगरी अचल सरोवर में गुरुवार रात एक मरा हुआ कछुआ मिला। कछुआ दो फीट लंबा था।
बुधवार को अचल सरोवर पर रामलीला महोत्सव के दौरान सरयूपार लीला का आयोजन किया गया। इसमें भगवान श्रीराम की नाव के साथ ही मंचन के दौरान कोई हादसा होने की स्थिति में पीएसी की एक नाव भी चलती है। इस बार इस नाव में मोटर इंजन का इस्तेमाल किया गया था।
स्थानीय लोग मान रहे हैं कि इसी कारण कछुए की मौत हुई है। लोगों का यह भी कहना है कि दो दिन पहले सरोवर की सफाई के लिए दवा डाली गई थी। इस कारण सैकड़ों मछलियों की मौत हो गई थी। दूसरी ओर पर्यावरणविद सुबोध नंदन शर्मा कहते हैं कि सरोवर के जल जीवन को समाप्त करने के लिए किसी दवा की जरूरत नहीं है।
सरोवर में जो आसपास के नाले नालियां खुल रहे हैं और उनसे जहरीला पानी आ रहा है। इसके अलावा लोग सरोवर में कूड़ा, गंदगी, केमिकल वेस्ट तक फेंकते हैं। कुछ कारखानों का केमिकल युक्त पानी भी सरोवर में जाता है। यह सब जल जीवन को समाप्त करने के लिए काफी है।