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Aligarh News: दो फर्जी अभ्यर्थियों सहित मददगार को भी जेल भेजा

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एसवी कॉलेज से पुलिस भीर्त परीक्षा देकर बाहर आते अभ्यर्थी। - फोटो : samvad
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उत्तर प्रदेश पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान पकड़े गए दो फर्जी अभ्यर्थियों और एक मददगार साइबर कैफे संचालक को बुधवार को जेल भेज दिया गया। तीन दिवसीय इस परीक्षा में अब तक कुल तीन फर्जी अभ्यर्थी सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं। परीक्षा में बायोमीट्रिक सत्यापन और केवाईसी जांच से फर्जी अभ्यर्थियों की पहचान हुई थी।
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डीएस कॉलेज परीक्षा केंद्र पर बायोमीट्रिक टीम ने राजस्थान के धौलपुर के निवासी हरिगोविंद सिंह के नाम पर परीक्षा देने आए एक युवक को संदिग्ध पहचान पत्र के साथ दबोचा था। सख्ती से हुई पूछताछ में उसने अपना असली नाम श्याम सुंदर निवासी मध्य प्रदेश स्वीकार किया।
आरोपी ने बताया कि वह पिछली परीक्षा में फेल हो गया था। दोबारा मौका पाने के लिए उसने आगरा के पिनाहट में साइबर कैफे चलाने वाले अपने दोस्त मौजी की मदद से अपना पुराना पहचान पत्र ब्लॉक करवाया। इसके बाद नाम और जन्मतिथि बदलकर नया फर्जी पहचान पत्र और शैक्षणिक दस्तावेज तैयार करवा लिए। पुलिस ने गांधी पार्क थाने में रिपोर्ट दर्ज कर मुख्य आरोपी श्याम सुंदर और उसके मददगार मौजी दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा।
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इसी तरह डीएवी इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर केवाईसी मिसमैच होने पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट और पुलिस टीम ने अंकित नाम के युवक को हिरासत में लिया। पूछताछ में अंकित ने कुबूल किया कि सेना भर्ती में उम्र का फायदा उठाने के लिए उसने लोकेश नाम से एक पूरी तरह नई और फर्जी पहचान तैयार की थी। इसके लिए उसने पिता का नाम और अपनी जन्मतिथि तक बदल डाली थी।
एसपी क्राइम ममता कुरील ने बताया कि फर्जीवाड़ा करने वाले दोनों आरोपियों और उनके एक सहयोगी को बुधवार को न्यायालय के समक्ष पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
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