ठंड की दस्तक और बढ़ते प्रदूषण स्तर के कारण सांस के मरीजों को परेशानी कम नहीं हो रही है। सांस लेने में परेशानी होने के कारण पांच दिनों में इससे पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ी है। देहली गेट स्थित बंबई वाले पेंच में 65 वर्षीय बुजुर्ग का अस्थमा के कारण मंगलवार को निधन हो गया। प्रदूषण की वजह से उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। सुरेंद्र नगर में 58 वर्षीय अधेड़ की भी इसी तरह मौत हुई है।
दिवाली के बाद शहर में आतिशबाजी के कारण सुबह शाम धुंध छाई हुई है। जो बुजुर्गों के लिए मुसीबत बन रही है। ये दम घोटू प्रदूषण कम नहीं हो रहा है। महानगर में बढ़ते प्रदूषण स्तर को कम करने के लिए संबंधित प्रदूषण नियंत्रण विभाग और अन्य महकमों के अधिकारी दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। आसमान में सुबह-शाम धुंध छाई है।
सर्दियों ने भी अब दस्तक दे दी है। इसका विपरीत असर अब लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों और अस्थमा के मरीजों को हो रही है। कई ऐसे इलाके हैं, जहां प्रदूषण बुजुर्गों पर कहर बरपा रहा है। डॉ. प्रदीप बंसल का कहना है कि प्रदूषण में घर से बाहर न निकले। मास्क का प्रयोग करें। धूल और धुंध वाली जगहों से दूर रहें। संवाद