यहीं पर हुआ मिट्टी धंसने से हादसा
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अलीगढ़ के जवां थाना अंतर्गत छेरत के एक प्लॉट में 18 जनवरी देर शाम मिट्टी की ढाय में दबे ग्रामीण अंधेरे में चुपचाप मिट्टी खोदने गए थे। वह तो गनीमत रही कि उनके साथ गई एक बच्ची प्लाॅट के बाहर खड़ी रह गई और पांचों के दबने के बाद उसने दौड़कर गांव में शोर मचाया। अगर वह बच्ची न होती तो पांचों कब तक दबे रहते, इसका कोई अंदाजा नहीं।
ग्रामीणों ने बताया कि जमालपुर निवासी तस्लीम ने गांव में दो प्लाॅट खरीदे हैं। एक प्लाट में उसने मकान बना लिया है, जबकि दूसरा खाली है। खाली प्लाॅट से कुछ मिट्टी खोद कर दूसरे प्लाट में प्रयोग की है। ग्रामीणों को जानकारी हुई कि उस प्लाॅट में चिकनी मिट्टी है, जो घरों में प्रयोग की जाती है। इसी मिट्टी को खोदने के लिए गांव की महिलाएं अपने परिवार के बच्चों के साथ शाम को अंधेरे में उस समय पहुंचीं, जब प्लाॅट मालिक वहां से चला गया। हालांकि घर से ये तो बताकर आई थीं कि वे मिट्टी खोदने जा रही हैं। मगर कहां, ये जानकारी परिजनों को नहीं थी।
वह तो उनके साथ गई एक बच्ची बाहर खड़ी रह गई। ढाय खिसकने पर बाहर खड़ी बच्ची पहले तो कुछ देर समझ न पाई। मगर जब उसे अहसास हुआ तो वह दौड़ते हुए गांव में पहुंची और वहां से लोगों को बुला कर लाई। ये वाकया शाम करीब छह बजे का है, मगर पुलिस को सूचना सवा सात बजे के बाद मिली। तब तक ग्रामीणों ने दबे लोगों को बाहर निकालकर पास के निजी अस्पताल पहुंचा दिया था। जहां दो को मृत घोषित कर दिया गया।
पुलिस के आने पर शुरुआत में ग्रामीण पोस्टमार्टम कराने को तैयार न थे। मगर पुलिस ने जब उन्हें समझाया, तब बमुश्किल वे पोस्टमार्टम को माने। देर रात तक तीन घायलों का उपचार जारी था। सीओ तृतीय अभय पांडेय के अनुसार पुलिस निगरानी बनाए हुए है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया कराई जा रही है।