सिदरा अपनी मां शबनम संग मामा की शादी में शामिल होने गोंडा रोड से ननिहाल आई थी। मजदूर परिवार से ताल्लुक रखने वाली सिदरा भी अन्य बच्चों संग अलाव पर ताप रही थी। जब उसके कपड़े आग की जद में आए तो लपटों से घिरी सिदरा बचने के लिए चीखते हुए ऐसे दौड़ी माने आग का गोला हो। कुछ कदम दौड़ने के बाद वह गली में गिर गई। तब लोगों ने कपड़ो में लगी आग को बुझाया। उसके दौड़ने का घटनाक्रम सीसीटीवी में कैद हुआ है।
मेडिकल कॉलेज में इलाजरत सिदरा संग उसकी मां शबनम के अलावा, मझला मामा अली हसन, पिता व अन्य रिश्तेदार हैं। जहां उसे आईसीयू में रखा गया है। अली हसन के अनुसार उसके बहनोई खुद मजदूरी करते हैं। सिदरा दो भाई व चार बहनों में सबसे छोटी है। भतीजा दो भाई व एक बहन में सबसे छोटा है। वह ज्यादा नहीं जला, जिसके चलते प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया, लेकिन सिदरा बुरी तरह चेहरे से लेकर गर्दन, सीने, हाथ पांव पर जल गई है। इसलिए अभी वह कराहने और रोने के अलावा कुछ नहीं बोल पा रही।
मासूम बच्ची की यह हालत देख परिवार भी परेशान है। इधर, इस दुर्घटना की खबर पर बसपा नेता सलमान शाहिद रात में ही मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। उन्होंने बच्ची के उपचार आदि को लेकर चिकित्सकों से बात कर व्यवस्था कराई। सोमवार दोपहर तक बच्ची की हालत में कोई सुधार नजर नहीं आ रहा था। वहीं, परिवार में मंगलवार को होने वाली शादी को अब चुपचाप करने की योजना बन रही है। साथ में यह भी जानने का प्रयास हो रहा है कि यह थिनर बच्चे ने किसी शरारत की मंशा से तो नहीं डाल दिया था।