सीओ बरला गर्वित सिंह के अनुसार नामजदों में से दो हसन ग्यास व आमिर हसन को दबोच लिया गया है। पूछताछ में इन दोनों ने घटना के समय आरिफ को गोली मारना स्वीकारते हुए बताया कि दोनों ने एक-एक गोली मारी थी। एक का तमंचा वहीं रह गया था, जबकि दूसरे ने अपना तमंचा बरामद कराया है। वे घटना के बाद भागने के लिए क्षेत्र में ही छिपे हुए थे। शुक्रवार को बाहर भागने के इरादे से निकले, तभी दबोच लिए गए।
कनपटी पर था निशाना, फायर मिस हुआ
इस घटना के संबंध में दर्ज कराए गए मुकदमे में मुनीश ने कहा है कि यह हमला चुनावी रंजिश व दस दिन पहले सड़क निर्माण के विवाद में एलानिया किया गया। आरोपियों ने कस्बे में मो.आरिफ व उनके परिवार को खत्म करने का एलान किया था। उसी क्रम में बृहस्पतिवार को पांचों भाइयों ने घेरकर गोली मारी। पहली गोली मो.आरिफ की कनपटी पर सटाकर मारी गई थी। मगर गनीमत रही वह फायर मिस हो गया। अगर वह चल जाता तो घटना कुछ अलग होती। बाद में दो अन्य गोलियां लगने से वे घायल हो गए।
भाजपा नेता की भूमिका पर जांच, हमले में तीन आरोपी
दो आरोपियों के पकड़े जाने की पुष्टि करते हुए एसपी देहात अमृत जैन ने बताया कि अब तक की जांच में यह पाया गया है कि घटनास्थल पर तीन हमलावर थे। इनमें से दो पकड़े गए हैं, तीसरे की तलाश जारी है। जीशान सहित दो अन्य नामजदों की लोकेशन पर काम चल रहा है कि वे घटना के समय कहां पर थे। उनकी हमलावरों से कब से कितनी बार बातचीत हो रही थी। कॉल डिटेल व लोकेशन आदि से उनकी भूमिका तय होगी। घटनास्थल के आसपास सीसीटीवी नहीं पाया गया है।