सांसद ने कहा कि हकीकत ये है कि पिछले 11 वर्ष में देश से सर्वाधिक संरक्षित पशु मांस का निर्यात हुआ है। इस निर्यात के मामले में हमने अमेरिका को पीछे छोड़ दिया है। इटावा कथावाचक प्रकरण से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि जो ज्ञानी होता है, वही पंडित है। जिन्हें वेद व ग्रंथों का पूर्ण ज्ञान है। वह कथाचावक हो सकता है। सपा का स्पष्ट मत है कि किसी विशेष वर्ग या जाति का इस पर विशेषाधिकार नहीं। मगर कुछ वर्ण व्यवस्था पोषक और मनु स्मृति धारक हैं, जिनकी वजह से ये घटनाएं होती हैं।
कांवड़ यात्रा मार्गों पर दुकानदारों द्वारा नेम प्लेट लगाने के सवाल पर कहा कि ये मुस्लिमों के उत्पीड़न का हिस्सा है। किसी संत या महात्मा को दुकानों को चेक करने का अधिकार नहीं है। सच ये है कि जब-जब देश की इज्जत पर आंच आई, मुस्लिमों ने हिंदुओं के बराबर खड़े होकर देश के लिए योगदान दिया। चाहे वह आजादी का आंदोलन रहा हो या कोई अन्य। मगर जिन लोगों ने अंग्रेजों की चापलूसी की, वे किसी को देशभक्ति का प्रमाण पत्र नहीं दे सकते। अंत में उन्होंने धार्मिक आयोजनों के नाम पर सरकारों द्वारा उन्माद कराने व आकर्षण के दम पर व्यापार करने की बात कही।
हरदुआगंज के अलहदादपुर में पीटे गए पशु व्यापारियों क्रमश : अकील प्रथम व अकील द्वितीय के अलावा, कदीम व अरबाज घायल हुए थे। इन चारों का एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज में उपचार हुआ था। इनके परिवार के स्तर से आर्थिक मदद की आवाज उठाई गई। सपा सांसद रामजीलाल सुमन उनसे मिलने आए तो उनके समक्ष भी यह मांग उठी। इसी क्रम में सपा अध्यक्ष ने चारों को एक-एक लाख रुपये मुआवजा दिया जाना तय किया। चारों के नाम से एक-एक लाख रुपये के चेक लेकर रामजीलाल सुमन यहां पहुंचे। रामघाट रोड स्थित एक होटल में चारों को बुलाकर चेक दिए गए।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर सपा जिलाध्यक्ष लक्ष्मीधनगर, महानगर अध्यक्ष अब्दुल हमीद घोषी, पूर्व विधायक वीरेश यादव, अज्जू इशहाक, मनोज यादव, मुकेश माहेश्वरी, संजय शर्मा, डीआर यादव, आमिर आबिद, मो.सगीर, विनोद सविता, वीरेंद्र लोधी आदि मौजूद रहे।