हरिज्ञान इस पर सहमत हो गया और उसने शादी के लिए रुपये जुटाने के लिए गांव की अपनी एक बीघा जमीन साढ़े चार लाख रुपये में बेच दी। इसके बाद दपंती ने गीता नाम की महिला को गांव टीकरी मे ही लाकर हरिज्ञान की भांवर डलवाकर शादी करा दी। गीता नामक दुल्हन एक रात रहने के बाद सोने के कुंडल व चांदी की पायजेब लेकर सुबह चार बजे रफूचक्कर हो गई।
बिचौलियों ने पति-पत्नी पीटे, फिर फैसला
पीड़ित ने बिचौलिए से महिला को तलाश करने के लिए कहा लेकिन उसका पता नहीं चला, इस पर हरिज्ञान और उसके भाई राजू ने बिचौलिए के साथ सहयोगी युवक से शादी के पैसे वापस करने का दबाव दिया तो आरोपियों ने राजू और उसकी पत्नी को पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। इस मामले में जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कराई। इस पर गांव के कुछ लोगों ने हरिज्ञान की दूसरी शादी कराने कही बात कहकर मारपीट के मामले में फैसला करा दिया।
दूसरी लुटेरी दुल्हन भी एक रात में ही रफूचक्कर
इसके बाद हरिज्ञान की दूसरी शादी करीब चार महीने पूर्व गांव के उन्ही तीन लोगों (दंपती व अन्य युवक) ने दोबारा से डेढ़ लाख रुपये लेकर रिंकू देवी नाम की एक महिला से गांव टीकरी गांव में लाकर फिर भांवर डलवा दी। दूसरी दुल्हन भी एक दिन रहने के बाद ही अपनी मां की बीमारी का बहाना लगाकर बिचौलियों के साथ दिल्ली जाने की कह कर चली गई और आज तक वापस नही लौटी। इसके बाद पीड़ित ने शादी के नाम पर खर्च किए 2.70 लाख रुपये बिचौलियों से वापस मांगे तो उन्होंने वापस करने से इन्कार कर दिया, इस पर पीड़ित ने थाना पुलिस से शिकायत की लेकिन पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की तो उसने एसएसपी नीरज जादौन को शिकायती पत्र देकर गांव के तीनों लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।