विटामिन बी 6 और बी12 की कमी वाले समूह में शुक्राणुओं के आकार (मॉफ्रोलॉजी) में स्पष्ट विकृति देखी गई, जो सफल निषेचन की संभावना को कम करती है। शुगर या प्री-डायबिटिक प्रोफाइल वाले पुरुषों में भी वीर्य गुणवत्ता सामान्य से कमजोर पाई गई। शरीर में अधिक वसा के कारण एंडोक्राइन (हार्मोन) सिस्टम प्रभावित होता है, जिससे टेस्टोस्टेरोन स्तर घटता है और शुक्राणु उत्पादन पर नकारात्मक असर पड़ता है।
बदलती जीवनशैली, फास्ट फूड संस्कृति, देर रात तक जागने और बढ़ते तनाव के चलते प्रजनन समस्याएं युवाओं में तेजी से बढ़ रही हैं। छोटी उम्र में हार्निया की समस्या होने की वजह बांझपन का खतरा हो सकता है। वहीं, नशा और सेक्सवर्धक दवाओं के सेवन से पुरुषों में बांझपन की समस्या बढ़ रही है।-डॉ. मोहम्मद असलम, विशेषज्ञ
ऐसे सुधरेगी पुरुष प्रजनन क्षमता
- जीवनशैली में सुधार
- संतुलित आहार
- रोजाना एक घंटा व्यायाम
- शुगर पर नियंत्रण