जेएनएमसी के प्रिंसिपल प्रोफेसर शाहिद अली सिद्दीकी ने कहा कि कोविड रोगी ठीक होने के दो या तीन सप्ताह बाद ब्लैक फंगस का शिकार हो सकते हैं। इन मामलों में पूरे देश में वृद्धि हुई है। ब्लैक फंगस के लक्षण जैसे नाक बंद होना, नाक गुहा में सूखी और काली परत जमा होना, नाक और आंखों के आसपास काले धब्बे, आंखों में लाली और मिचमिचाहट, आंखों के ढेले की गति में कमी, दृष्टि में अचानक कमी, मुख गुहा में, विशेष रूप से तालू पर काले धब्बे वाले रोगियों को अपने आप उपचार से बचना चाहिए। साथ ही अपनी डायबिटीज के स्तर को नियंत्रण में रखना चाहिए। उन्हें तुरंत डॉक्टरों से भी संपर्क करना चाहिए।
एएमयू के कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर ने कहा कि सफल सर्जरी के लिए ईएनटी व नेत्र रोग विशेषज्ञ बधाई के पात्र हैं। जेएनएमसी के स्वास्थ्य कार्यकर्ता उपचाराधीन व ठीक होने वाले कोविड रोगियों को स्टेरॉयड की अवधि की सही खुराक सुनिश्चित करके फंगल संक्रमण की संभावना को रोकने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर नियमित परामर्श द्वारा स्वास्थ्य लाभ पा चुके कोविड रोगियों की डायबिटीज के स्तर को नियमित रखने में भी अपना सहयोग प्रदान कर रहे हैं।a