डेटोनेटर में विस्फोट के समय प्रयोग होने वाली दो कैंडिल्स बरामद हुई हैं। चूंकि वह अधूरा पार्ट है। उनके साथ वायर, डेटोनेटर आदि जुड़ता है, तब विस्फोट किया जा सकता है। इसलिए कुछ भी खतरनाक नहीं है। अब इनके यहां तक आने और लाने वाले के विषय में जांच की जा रही है। उसके बाद ही तस्वीर साफ होगी। इन छड़ों का प्रयोग खनन के समय विस्फोट में किया जाता है। ऐसा विषय विशेषज्ञों ने बताया है।-मृगांक शेखर पाठक, एसपी सिटी
राजस्थान से तो नहीं लाई गईं ये छड़ें
इस तरह के उत्पादों का प्रयोग राजस्थान में खनन से जुड़ी माइंस में किया जाता है। इसलिए अंदेशा जताया जा रहा है कि इनको कहीं राजस्थान से ही तो नहीं लाया गया, क्योंकि मथुरा सीमा पर राजस्थान सटता है। वहां से राजस्थान के भरतपुर, जयपुर नजदीकी जिले हैं। अब इन सवालों का जवाब जांच में ही मिलेगा।
कहीं किसी कबाड़ी का तो नहीं ये माल
दूसरा अंदेशा इस बात का भी है कि ये माल अपने शहर के किसी कबाड़ी के यहां से तो यहां नहीं पहुंचा। पूर्व में भी कबाडिय़ों के यहां कई तरह के विस्फोटक पदार्थ मिलते रहे हैं। उनके विषय में हर बार यही उजागर हुआ कि चोरी का माल कबाड़ में आया है। ऐसे में यह भी अपने में सवाल है।