बच्ची के अपहरण की सूचना पर जीआरपी इंस्पेक्टर संदीप तोमर, आरपीएफ पोस्ट कमांडर अमित कुमार सिंह के नेतृत्व में गठित टीमों ने रेलवे स्टेशन व उसके आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके अलावा स्टेशन व दूसरे स्टेशनों पर बच्ची की तलाश में 10 से अधिक ट्रेनों में सघन चेकिंग अभियान चलाया। रेलवे स्टेशन, नगर निगम द्वारा शहर में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, रोडवेज व प्राइवेट बस स्टैंड के अलावा संदिग्ध स्थानों पर बच्ची की तलाश की गई। बबराला में बच्ची के दंपती के साथ जाने की जानकारी पर टीम उन्हें तलाशने में जुटी हुई है।
स्टेशन से पहले भी बच्चों का हो चुका है अपहरण
रेलवे स्टेशन से 19 जून 2025 की रात में ईंट भट्टा मजदूर बिहार के जनपद गया के धर्मेंद्र मांझी, पत्नी सोना मांझी व दो साल की बेटी रूपा के साथ स्टेशन पर घर जाने के लिए पहुंचे थे। तभी बच्ची को एक युवक चोरी कर ले गया। हालांकि बच्ची को चंद घंटों में ही इटावा स्टेशन से बरामद कर युवक को गिरफ्तार कर लिया था। 22 अगस्त 2024 को रेलवे स्टेशन पर सो रहे दंपती के बेटे का अपहरण कर लिया गया था। बच्चे को पुलिस ने पांचवे दिन बरामद कर लिया।
छह साल पहले भी एक बच्ची का अपहरण हो चुका है। जिसे पुलिस अब तक नहीं तलाश पाई है। दिव्यांग मालती पत्नी झम्मन लाल निवासी नया बांस, सुरीर, मथुरा अपनी तीन बेटियों और एक बेटे को लेकर पति के साथ दिल्ली के शाहदरा थाना क्षेत्र के मीत नगर में रहती है। पति ई-रिक्शा चलाकर परिवार को पालन-पोषण करता है। रक्षाबंधन पर मालती गंगीरी निवासी अपने भाई को राखी बांधने के आई थी। स्टेशन पर वापसी के दाैरान एक महिला उसकी एक साल की बेटी लक्ष्मी को खिलाने के बहाने लेकर गायब हो गई। पुलिस इस घटना में अब तक बच्ची को तलाश नहीं सकी है।