वहीं मौके पर मौजूद एक अधिकारी ने बताया कि ट्रेन में मौजूद दोनों जीआरपी जवानों की भी आरोपियों की जानकारी दी गई थी। इसके बावजूद 21 बोगियों में लगातार निगरानी और तलाश अभियान चलाना उनके लिए आसान नहीं था। यात्रियों की भीड़ और लंबी ट्रेन के चलते जवान केवल संदिग्ध पर नजर बनाए रखने तक सीमित रहे।
इस पूरी घटना ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों का कहना है कि लंबी दूरी की ट्रेनों में सुरक्षा नाम पर केवल खानापूरी की जाती है। यदि रास्ते में किसी और वारदात को अंजाम दे देते तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। लोगों ने मांग की कि ऐसी ट्रेनों में सुरक्षा बल की संख्या बढ़ाई जाए।
चांदी और नकदी बरामद
सर्राफा की दुकान में घुसकर व्यापारी को घायल कर लूट की घटना को अंजाम देने वाले तीनों आरोपियों को जीआरपी ने अलीगढ़ और फिरोजाबाद स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से लूटी गई चांदी और नकदी बरामद की गई है। घटना के संबंध में तीन टीमें लगाई गई थीं। उन्नाव जीआरपी और एसओजी ने अलीगढ़ और फिरोजाबाद स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। बरामदगी में लूटी गई चांदी और नकदी बरामद की गई है। घटना के संबंध में तीन टीमें लगाई गई थीं।