एडीजे-7 विशेष न्यायाधीश लैंगिक अपराध अनिल कुमार सिंह प्रथम के न्यायालय से किशोरी को अगवा कर कई माह तक दुष्कर्म करने के मुकदमे में एक आरोपी को बीस साल कैद व जुर्माने की सजा सुनाई है। खास बात है कि आरोपी हरियाणा के मेवात जिले का कुख्यात अपराधी है। वह किशोरी को अगवा कर ले गया था। बाद में पिता ने पंचायत के जरिये बेटी को लाने का प्रयास किया। मगर सफल नहीं हुआ। तब उसने पुलिस की मदद ली थी।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी रघुवंश शर्मा व रविकांत शर्मा के अनुसार टप्पल क्षेत्र की 15 वर्षीय पीड़िता को 5 फरवरी 2015 की सुबह पड़ोस की महिला शौच के बहाने घर से बुला ले गई। इसके बाद उसे कार में डालकर अगवा कर ले जाया गया। जब पिता ने इसकी खोज की तो पता चला कि उसके गांव की महिला समीना, नजराना, गांव के मूसा, इकबाल, शमी, साबिर की मदद से उसकी बेटी को शंटू उर्फ साजिद निवासी घासेड़ा नूह मेवात हरियाणा अगवा कर ले गया है। वह उसके गांव के आरोपियों का रिश्तेदार है। इस पर वह उसके गांव गया। वहां पंचायत के जरिये भी उसे मदद नहीं मिली। बाद में थाने में सूचना ली। इसके बाद एसएसपी के निर्देश पर 30 मई को मुकदमा दर्ज हुआ और 28 अगस्त 2016 को किशोरी को बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। बयान के दौरान किशोरी ने दुष्कर्म व अन्य सभी आरोप लगाए। इस पर शंटू उर्फ साजिद आदि के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई। अदालत में सत्र परीक्षण के दौरान संटू उर्फ साजिद को दोषी करार दिया गया। इस पर अदालत ने संटू को 20 साल कैद व 42 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। साथ में जुर्माने से आधी रकम पीड़ित को देने के निर्देश दिए हैं।