तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद मंगलवार दोपहर एएमयू के बाहर पुरानी चुंगी पर कवरेज कर रही महिला पत्रकार और वहां मौजूद युवतियों से कुछ युवकों ने जमकर अभद्रता की। महिला पत्रकार पर युवतियों को उकसा कर उनसे गलत बयानबाजी कराने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया गया।
युवक महिला पत्रकार को धमकाते हुए पूछ रहे थे कि यहां कार्यक्रम करने के लिए आपने एएमयू पीआरओ से परमीशन ली है। किसी तरह वहां पहुंचे अन्य मीडियाकर्मियों ने महिला पत्रकार को वहां से निकाला। इस दौरान युवकों की भीड़ हाथापाई पर उतर आई। महिला पत्रकार ने वीडियो फुटेज दिखाते हुए सिविल लाइंस थाने में अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी है। देर शाम तक माफी-दराफी के आधार पर समझौते की बात चल रही थी।
तीन तलाक को लेकर सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आने से पहले ही देश के प्रमुख मीडिया संस्थानों के प्रतिनिधि अलीगढ़ के मुस्लिम बुद्धिजीवियों और एएमयू छात्रों की प्रतिक्रिया के लिए यहां मंगलवार सुबह ही आ गए थे।
दोपहर में एक प्रमुख टीवी चैनल की महिला प्रतिनिधि इलमा सईद एएमयू गेट के बाहर अनूपशहर रोड स्थित पुरानी चुंगी पर वहां से गुजरने वाली महिलाओं व युवतियों को रोककर उन्हें लाइव डिबेट में शामिल करा रही थीं। तभी अचानक वहां काफी संख्या में युवकों की भीड़ जमा हो गई।
इन युवकों ने लाइव डिबेट का विरोध करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। इलमा सईद पर यह आरोप लगाकर अभद्रता कर दी कि वह इन युवतियों व महिलाओं को बरगलाकर तीन तलाक पर प्रतिबंध के समर्थन में जबरन बयानबाजी करा रही हैं। अभद्रता के दौरान धक्कामुक्की व हाथापाई तक की नौबत आ गई। वह तो तभी अन्य मीडियाकर्मी वहां पहुंच गए।
इस दौरान बयान दे रही युवतियों को भी डरा धमकाकर भगाने की कोशिश की गई। इससे लाइव डिबेट भी प्रभावित हो गई। अन्य मीडियाकर्मी महिला पत्रकार को वहां से निकालकर ले गए। बाद में सिविल लाइंस में इलमा सईद की ओर से अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर दी गई। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस जावेद खान के अनुसार वीडियो फुटेज के आधार पर कुछ युवकों को बुलाया गया। देर रात तक समझौते की बात चल रही थी।