डीएस कॉलेज में एक छात्र की पिटाई के बाद बवाल खड़ा हो गया। छात्र नेताओं ने जमकर हंगामा काटा। चीफ प्रॉक्टर दफ्तर में छात्रों ने कुर्सियां तक हवा में लहराते हुए उन्हें तोड़ दिया। बवाल बढ़ता देख पुलिस बुला ली गई। बाद में जैसे-तैसे हंगामा शांत किया गया।
मंगलवार को दोपहर लगभग साढ़े 12 बजे छात्र शान मोहम्मद जो कि बीए प्रथम वर्ष में पढ़ता है। वह काउंटर से मार्कशीट लेने आया था, तभी एक छात्र उसे थप्पड़ मारकर भाग गया। पीड़ित छात्र ने इसकी शिकायत चीफ प्रॉक्टर डॉ. वाईपी सिंह से की। प्रॉक्टर के साथ पीड़ित छात्र गेट तक गए। शरारती छात्र प्रॉक्टर की पकड़ में आ गया। उसे नसीहत देकर छोड़ दिया गया।
पीड़ित छात्र अपने पिता के साथ गेट के बाहर खड़ा था, तभी कुछ और छात्र आ गए। नोकझोंक होने लगी। एक छात्र पकड़ में आ गया। फुटेज देख रहे प्रॉक्टर भी मौके पर पहुंच गए। मगर, पीड़ित छात्र ने उस छात्र को थप्पड़ मार दिया। इसी से मामला तूल पकड़ गया। एबीवीपी के छात्रनेता मौके पर पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। धर्मजागरण के संयोजक और छात्रनेता सौरभ चौधरी सहित हिंदू संगठन से जुड़े छात्र नेता भी कॉलेज पहुंच गए।
कॉलेज प्रशासन पर एक समुदाय के बाहरी तत्वों पर मेहरबान होने का आरोप लगाया गया। मांग उठाई गई कि पकडे़ गए दो आरोपियों पर मुकदमा दर्ज करके जेल भेजा जाए। सीओ द्वितीय पंकज श्रीवास्तव सहित कई थानों की पुलिस पहुंची। अफसर के आश्वासन पर मामला शांत हो सका। इस दौरान छात्र नेताओं और पुलिस में भी जमकर नोकझोंक हुई।
छात्र नेता सौरभ चौधरी ने बताया कि यह घटना विशेष समुदाय के लोगों द्वारा सोची समझी साजिश का हिस्सा है। इस मौके पर सोनू ठाकुर, सज्जन यादव, यश ठाकुर, अमित गोस्वामी, आदित्य पंडित, धीरज चौधरी, सीटू चौधरी आदि मौजूद रहे। उधर, चीफ प्रॉक्टर का कहना है कि पीड़ित व थप्पड़ मारने वाले छात्र के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रॉक्टर दफ्तर में एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने बवाल काटा। कुर्सियां उठाना अनुशासनहीनता है। इंस्पेक्टर गांधीपार्क के अनुसार मामले में तहरीर के आधार पर कार्रवाई होगी।