अलीगढ़ के हरदुआगंज क्षेत्र की परास्नातक छात्रा ने अपनी पढ़ाई व करियर की खातिर अपना घर छोड़ दिया। दस दिन पहले गायब हुई युवती के विषय में परिवार ने क्वार्सी में मुकदमा भी दर्ज कराया था। मगर बुधवार को युवती खुद थाने पहुंच गई। उसने परिवार के साथ न जाने की शर्त रख दी। यहां तक कहा कि परिवार से परेशान होकर ही उसने घर छोड़ा है। इस पर बृहस्पतिवार को कोर्ट में उसके बयान कराए गए। जहां उसकी सहेली के आने पर परिजनों ने उससे धक्का-मुक्की कर दी। बयान की प्रक्रिया के बाद युवती अपनी मर्जी से सहेली संग चली गई।
हुआ यूं कि हरदुआगंज क्षेत्र के सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी की चार बेटियों में मझली शहर के कॉलेज से परास्नातक की पढ़ाई कर रही है। दस दिन पहले वह घर से कॉलेज जाने की कहकर निकली। इसके बाद घर नहीं पहुंची। परिवार ने क्वार्सी में उसके गायब होने के संबंध में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने जब जांच शुरू की तो युवती का मोबाइल नंबर बाद में चालू मिला। इस पर पुलिस ने युवती से बात की तो वह बुधवार को थाने पहुंच गई। वहां उसने बताया कि वह पढ़ना चाहती है। अपना करियर बनाना चाहती है। मगर परिवार में होने वाले झगड़ों से वह परेशान है। विरोध करने पर उसे परेशान किया जाता है। इसलिए उसने घर छोड़ दिया। वह मर्जी से अपनी बचपन की सहेली के पास नोएडा में रह रही है। वहां जॉब तलाश रही है।
इस पर पुलिस ने परिवार को खबर दे दी। साथ में युवती को रात में वन स्टाप सेंटर में रखकर 13 नवंबर को कोर्ट में पेश किया। जहां परिजन भी पहुंच गए। इसी बीच युवती की नोएडा की सहेली आ गई। जिसके साथ परिवार ने यह कहते हुए धक्का-मुक्की कर दी कि उसने हमारी बेटी को बिगाड़ा है। बाद में अधिवक्ताओं की मध्यस्थता पर विवाद शांत हुआ। इधर, न्यायालय में मर्जी से रहने के बयान देने के बाद उसे कोर्ट के निर्देश पर स्वतंत्रत छोड़ दिया। सीओ तृतीय सर्वम सिंह के अनुसार युवती वहां से अपनी मर्जी से सहेली संग नोएडा चली गई।