राहुल कुमार, अलीगढ़।
पेट्रोल के दामों में बढ़ोतरी और इससे संचालित वाहनों से अधिक प्रदूषण फैलने के चलते लोगों का रुझान अब सीएनजी (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) चलित वाहनों की ओर बढ़ गया है। सीएनजी पर वाहन चलाना सस्ता भी है। मगर, सस्ते सफर के लिए वाहन स्वामियों को शुरुआती चरण महंगा पड़ा रहा है। कोरोना काल इसके लिए सबसे अधिक जिम्मेदार है। पिछले छह माह में सीएनजी सिलिंडर के दामों में 10 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है।
कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन संकट में मेडिकल ऑक्सीजन गैस वाले सिलिंडरों का उत्पाद कंपनियों की ओर से बढ़ाया गया। इससे सीएनजी सिलिंडरों का उत्पादन घट गया। बाजार में मांग के अनुरूप आपूर्ति नहीं होने से दामों में बढ़ोतरी हुई। वहीं, देशभर के छोटे-छोटे जिलों तक अब सीएनजी की सप्लाई शुरू होने से वाहनों की संख्या में भी काफी बढ़ोतरी हुई है। इसका फायदा कंपनियों के शेयर को भी हुआ है। एक साल पहले तक सीएनजी सिलिंडर का निर्माण करने वाली कंपनियों के शेयर 30 रुपये के करीब थे। अब वह 150 रुपये के आसपास हैं।
सिलिंडर की क्षमता और वर्तमान दर
सीएनजी सिलिंडरों का निर्माण ईकेसी, रामा, यूरो जैसी देश की जानी मानी कंपनियां करती हैं। इन कंपनियों के सिलिंडर आगजनी की दृष्टि से सुरक्षित माने जाते हैं। इन कंपनियों का 12 किलो सीएनजी सिलिंडर मिनी हैचबैक गाड़ियों जैसे ऑल्टो, वैगनआर, रिट्स आदि में लगता है। इसकी कीमत छह माह पहले तक 12 हजार थी। अब 21 हजार है।
13 किलो सिलिंडर सिडान गाड़ियों जैसे स्विफ्ट डिजायर, एक्ससेंट, वरना आदि गाड़ियों में लगता है। इसकी कीमत पहले 12600 रुपये थी। अब 22 हजार है। 18 किलो का सिलिंडर ईको, अर्टिगा, इनोवा आदि गाड़ियों में लगता है।
इसकी कीमत छह माह पहले तक 15 हजार थी। अब 28 हजार है। कंपनियों के शेयर की बात की जाए तो एक साल पहले तक 30 रुपये के करीब थे। अब वह 150 रुपये के आसपास हैं। सीएनजी सिलिंडर पर 18 प्रतिशत का जीएसटी लगता है। 20 साल एक सिलिंडर की उम्र निर्धारित की गई है।
किट की भी हुईं महंगी
गाड़ियों में सीएनजी सिलिंडर के साथ ही किट भी लगाई जाती है। किट के अलग-अलग पार्ट्स पर 18 से 28 प्रतिशत जीएसटी है। लवैटो और बीआरसी-जैवोली कंपनी की किट वर्तमान में 10 से 15 हजार रुपये तक की है। इन कंपनियों की किट को परिवहन विभाग की मान्यता है।
इन कारणों से हुई बढ़ोतरी
कोरोना काल में दो बार लॉकडाउन, लेबर न मिलना, रॉ मैटेरियल के दाम बढ़ना, देशभर में सीएनजी की गाड़ियों को बढ़ावा, ईंधन के दाम बढ़ने से परिवहन किराया बढ़ना आदि।
पुराने सिलिंडर लगा रहे ट्रेडर्स, वाहन चालकों की जान को खतरा
कुछ ट्रेडर्स ग्राहकों को सस्ते का लालच देकर पुराने सिलिंडर गाड़ियों में लगा दे रहे हैं। जबकि परिवहन विभाग की ओर से सख्त आदेश हैं कि पुराने सिलिंडर को फिट नहीं किया जाएगा। इस संबंध में परिवहन विभाग के संभागीय निरीक्षक वीके चौधरी ने जांच भी शुरू कर दी है। बिना किट-सिलिंडर की जांच किए सीएनजी की मान्यता वाहन स्वामी को नहीं दी जा रही है। आरआई वीके चौधरी ने बताया कि लोगों से अपील है कि वह सस्ते के लालच में आकर पुराने सीएनजी सिलिंडर न लगवाएं। इससे वाहन में आग लगने का खतरा रहता है।
- सीएनजी सिलिंडर के दाम पिछले छह माह में 10 हजार रुपये तक बढ़ गए हैं। इधर, पेट्रोल भी महंगा हो रहा है। वर्तमान में सीएनजी किट फिटमेंट में करीब 35 हजार रुपये का खर्च आ रहा है। यही छह माह पहले खर्च 25 हजार के करीब था। सीएनजी से सफर सस्ता हो जाता है। इसलिए लोग इसकी ओर आकर्षित हो रहे हैं।
- प्रमोद दीक्षित, संचालक एसके ट्रेडर्स