मंगलवार रात इलाके के गांव रहसूपुर बंबा की पटरी पर गाय चुराकर काट दी गई। खेतों में काम कर रहे लोगों की नजर पड़ी और मेटाडोर में माल लादते समय गौकशों की घेराबंदी कर ली गई। कई आरोपी माल लेकर भाग गए, मगर तीन को पुलिस ने पब्लिक की मदद से दबोच लिया। इस दौरान खबर पर कुछ हिंदूवादी व सपा महिला नेत्री भी पहुंच गईं। इन लोगों ने हंगामा भी किया। मगर सीओ ने पहुंचकर हंगामा शांत कराया।
इलाके के गांव उकरना निवासी लालाराम पुत्र बाबू लाल की गाय मंगलवार की रात को करीब बारह बजे चोरी हुई। इसके बाद उसे रहसूपुर बंबा की पटरी पर ही काट कर मेटाडोर में माल लाद लिया गया। इसी दौरान पास में मक्का के खेत की रखवाली कर रहालालाराम जब गांव पहुंचा और उसने गाय गायब देखी तो शोर मचा दिया। इसी दौरान इलाके में भगदड़ मच गई और आसपास गाय की तलाश शुरू कर दी। इससे आसपास के गांव में जगार और तलाश शुरू हो गई। तभी वहां मेटाडोर में गौमांश लादकर ले जा रहे लोगों की घेराबंदी की।
मगर तीन लोग आबिद, सुलेमान निवासी सिल्ला, परवेज निवासी बुढांसी पकड़ में आए। बाकी उनके साथी भूरा, बल्लो, तारिक निवासी बुढांसी व अनवार, ताले खां निवासी सिल्ला, कलुआ, समसुद्दीन, अनीस निवासी रहसूपुर भाग गए। इन सभी पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
इधर, सुबह इस सूचना पर बजरगंज दल के रामकुमार आर्य, मनोज भारद्वाज, नितेंद्र चौहान, लवकुश, शीलेंद्र कुमार, दीपक, ललित और सपा की महिला सभा की जिला सचिव नीतू शर्मा, रानी बेगम, रजिया बेगम, रतन शर्मा के साथ मौके पर पहुंच गई। इन लोगों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया, जिन्हें सीओ अतरौली सोमदत्त शर्मा ने शांत किया। साथ ही ठोस कार्रवाई का भरोसा दिलाया। एसओ के अनुसार फरार आरोपियों की तलाश जारी है।