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जेएन मेडिकल कालेज में बच्चों में दिल के छेद का पूरा इलाज संभव

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एएमयू के जेएन मेडिकल कालेज में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत अर्ली इंटरवेंशन सेंटर (डीईआईसी) की स्थापना की गई है। इस सेंटर पर नवजात से छह वर्ष तक के वह बच्चे जो दिल के छेद सहित अन्य जन्मजात बीमारियों से ग्रसित हैं, उनका उपचार विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा किया जा रहा है।
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यहां पर प्रदेश के अन्य शहरों से रेफर होकर आए बच्चों का भी उपचार किया जा रहा है। इस सेंटर पर 30 बीमारियों के उपचार की व्यवस्था की गई है। इसमें बच्चों में होने वाली बीमारियां गूंगापन, बहरापन, पैरों का टेढ़ापन, अंधापन, कटे होंठ, अंदर की ओर मुड़ी उंगलियां, जन्मजात मोतियाबिंद, बहरापन, दिल में छेद, आंखों से संबंधित बीमारियां शामिल हैं। कार्यक्रम के अंतर्गत मेडिकल कालेज में बच्चों के दिल के छेद की सर्जरी सहित पूरा इलाज किया जाता है। ऐसा करने वाला यह प्रदेश का पहला सेंटर है। डॉ. उजमा फिरदौस और डॉ. शाहद अबकरी यहां पर तैैनात हैं। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. एसपी सिंह ने कहा कि यहां पर रीढ की हड्डी की जन्मजात विकृति सहित अन्य कई जटिल बीमारियों के उपचार की भी व्यवस्था है। कमजोर वर्ग और अर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के लिए यह केंद्र वरदान साबित हो रहा है।
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