गभाना का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र। संवाद
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अलीगढ़-गाजियाबाद हाईवे पर अक्सर हादसे होते रहते हैं। इन दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता है। जनपद की सीमा से अलीगढ़ तक राजमार्ग पर कोई भी ट्रॉमा सेंटर नहीं है। स्थानीय लोगों की मांग है कि क्षेत्र में ट्रॉमा सेंटर बनना चाहिए।
वर्तमान में कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर दुर्घटना में घायलों को प्राथमिक इलाज दिया जाता है। इसके बाद उन्हें जिला अस्पताल या जेएन मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाता है। अलीगढ़-गाजियाबाद राजमार्ग पर करीब तीस किलोमीटर तक कोई ट्रॉमा सेंटर नहीं है। आए दिन सड़क हादसे होने के बावजूद गभाना में यह सुविधा स्थापित नहीं हो सकी है। ऐसे में उन्हें समय पर उपचार नहीं मिल पाता है। कई बार तो उनकी जान तक चली जाती है। सीएचसी प्रभारी डॉ. राहुल कुमार ने बताया है कि ट्रॉमा सेंटर की स्थापना शासन के आदेश पर होती है। वर्तमान गंभीर मरीजों को जिला अस्पताल या जेएन मेडिकल कॉलेज के लिए भेजा जाता है।
ट्रॉमा सेंटर की विशेषताएं
सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों के उपचार के लिए सड़क किनारे ट्रॉमा सेंटर स्थापित किए जाते हैं। इनमें विशेषज्ञ चिकित्सक समेत अन्य स्टाफ की तैनाती होती है। साथ ही सेंटर में आधुनिक मशीनरी भी उपलब्ध रहती है। इससे मरीजों को समय पर उपचार मिल सके और उनकी जान बच जाए।