परिवहन निगम की बसें थोक की जगह अब फुटकर में खरीदे गए डीजल के सहारे दौड़ेंगी। थोक डीजल महंगा होने के कारण परिवहन निगम में व्यवस्था में बदलाव किया है। फुटकर डीजल खरीदने पर परिवहन निगम को 21 रुपये प्रति लीटर की बचत हो रही है। ऐसे में 300 किमी तक दौड़ने वाली प्रत्येक बस पर कम से कम एक हजार रुपये की बचत हो रही है। वर्तमान में निगम को थोक में डीजल 113 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है, जबकि फुटकर में डीजल 92 रुपये प्रति लीटर है। अलीगढ़ मंडल में 650 से अधिक बसें हैं।
21 मार्च को तेल कंपनियों द्वारा थोक में डीजल खरीदने पर 25 रुपये की बढ़ोत्तरी की गई थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 40 प्रतिशत का उछाल आने के बाद ये फैसला लिया गया था। टैक्स लगने के बाद यह वृद्धि करीब 28 रुपये हो गई है। हालांकि, पेट्रोल पंपों से फुटकर में वर्तमान दरों पर ही डीजल मिल रहा है। 26 फरवरी से परिवहन निगम ने निजी पेट्रोल पंपों से रोडवेज बसों में डीजल भरवाना शुरू कर दिया है। 26 फरवरी को आईओसी से थोक में डीजल 91 रुपये लीटर पड़ रहा था, वही फुटकर में 86 रुपये प्रति लीटर मिल रहा था। वर्तमान में आईओसी से परिवहन निगम को थोक में 113 रुपये प्रति लीटर डीजल पड़ रहा है, जबकि फुटकर में 92 रुपये प्रति लीटर डीजल मिल रहा है। इसके चलते विभाग ने निजी पेट्रोल पंपों से डीजल खरीदना शुरू कर दिया है। इससे 300 किमी तक दौड़ने वाली एक बस पर एक हजार रुपये की बचत हो रही है। संवाद
पूरे प्रदेश में एक साथ फुटकर डीजल लेना एक महीने पहले प्रारंभ हुआ था। चूंकि थोक के रेट फुटकर से ज्यादा हैं। अभी फुटकर डीजल से ही बसें दौड़ेंगी। - मो. परवेज खान, आरएम रोडवेज