कासगंज डिपो में तैनात वरिष्ठ लिपिक राजपाल सिंह का एटा ट्रांसफर कर दिया गया है। राजपाल सिंह पर आरोप लगा था कि वह अपने बदले बेटे से नौकरी करवा रहे थे। पिता के फर्जी हस्ताक्षर करके बेटा तीन साल से वेतन उठा रहा था।
इस खबर को अमर उजाला ने बीती पांच जुलाई के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद आरएम परवेज खान ने राजपाल का तबादला आदेश जारी किया है। साथ ही कासगंज के प्रभारी एआरएम संजीव यादव के खिलाफ जांच बैठा दी है। एटा एआरएम राजेश यादव को जांच सौंपी गई है।
मुख्यालय के नोडल अधिकारी विवेक माथुर ने इस मामले में चार दिन के भीतर रिपोर्ट तलब कर ली है। बता दें कि राजपाल सिंह पर कार्यालय न आने, अपनी जगह बेटे से नौकरी कराने का आरोप था। इस मामले की जांच हुई तो राजपाल सिंह पर लगे सभी आरोप सही पाए और जांच अधिकारी ने डिपो के उच्चाधिकारियों की मिलीभगत का इस प्रकरण में सम्मिलित होने का अंदेशा जाहिर किया था।
जांच रिपोर्ट के आधार पर आरएम परवेज खान ने अग्रिम कार्रवाई शुरू करते हुए राजपाल सिंह का एटा डिपो में तबादला कर दिया है। इसके साथ ही कासगंज के प्रभारी एआरएम संजीव यादव पर जांच बैठा दी है। एआरएम परवेज खान ने इस कार्रवाई की पुष्टि की।