रेल मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि ट्रेनों की लेटलतीफी जल्द ही दूर की जाए। इससे पहले उन्होंने कहा था कि अगस्त 2018 से रेलवे की नई समय सारिणी के लागू होने के बाद से अधिकांश ट्रेनाें का समय पर संचालन संभव हो सकेगा। इस गुजरे हुए शनिवार को रेल मंत्री ने कहा कि नई दिल्ली हावड़ा रेलवे ट्रैक की स्पीड और बढ़ाने के लिए घनी आबादी वाले इलाकों में इस ट्रैक के दोनों ओर दीवार बनाए जाने का प्रस्ताव लाया गया है।
इधर, उत्तर मध्य रेलवे का इलाहाबाद मंडल टूंडला में रेलवे प्रशासन केंद्रीय कृत यातायात प्रणाली लागू करने की टेस्टिंग कर रहा है। जून के आखिरी तक इसके चालू होने की उम्मीद है। इसमें गाजियाबाद से कानपुर तक की सभी ट्रेनों का मार्ग सेट होगा। एक स्टेशन पर एक के पीछे एक छह ट्रेनों का रूट एक साथ एडवांस में सेट हो सकेगा। हाल ही में रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा अलीगढ़ आए तो उनको यहां तक लाने वाली मगध एक्सप्रेस और गोमती एक्सप्रेस भी समय पर नहीं आई। रेलमंत्री से लेकर इलाहाबाद मंडल तक इतने प्रयासों के बावजूद ट्रेनों की बिगड़ी चाल सुधर नहीं रही है। ट्रेनें 16 से 5 घंटे तक की देरी से चल रही हैं।
गुजरे शनिवार और रविवार की मध्य रात्रि को अप रूट से दिल्ली जाने वाली ट्रेनों में आम्रपाली एक्सप्रेस 3 घंटे, ऊंचाहार एक्सप्रेस 4 घंटे, फरक्का एक्सप्रेस 4 घंटे, सीमांचल जोगबनी एक्सप्रेस 12 घंटे, महाबोधि एक्सप्रेस 6 घंटे, लिच्छवी एक्सप्रेस 2 घंटे, इलाहाबाद उधमपुर स्पेशल एक्सप्रेस 4 घंटे, संगम एक्सप्रेस 2 घंटे, पूर्वा एक्सप्रेस 2 घंटे, कैफियात एक्सप्रेस डेढ़ घंटे, वैशाली एक्सप्रेस 4 घंटे, रीवा एक्सप्रेस 2 घंटे, ब्रह्मपुत्र मेल एक्सप्रेस 3 घंटे, गरीब रथ एक्सप्रेस 5 घंटे की देरी से अलीगढ़ पहुंची।
इन ट्रेनों से सफर करने वाले मुसाफिर परेशान रहे। डाउन रूट से कानपुर जाने वाली ट्रेनों में ऊंचाहार एक्सप्रेस 2 घंटे, कालिंद्री एक्सप्रेस 5 घंटे, फरक्का एक्सप्रेस 5 घंटे की देरी से अलीगढ़ पहुंची। रविवार सुबह सीमांचल जोगबनी एक्सप्रेस 16 घंटे, कैफियात एक्सप्रेस 5 घंटे, वैशाली एक्सप्रेस 6 घंटे, पूर्वा एक्सप्रेस 7 घंटे, ब्रह्मपुत्र मेल एक्सप्रेस 8 घंटे, स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस 2 घंटे, गरीब रथ एक्सप्रेस 7 घंटे, गोमती एक्सप्रेस सवा घंटे, मगध एक्सप्रेस 6 घंटे, पुरी एक्सप्रेस 3:30 घंटे, टूंडला अलीगढ़ पैसेंजर ट्रेनें भी पौन से एक घंटे की देरी से अलीगढ़ आई।