टप्पल ब्लॉक में महिला शक्ति केंद्रों को अधिक प्रभावी और सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में सीएलएफ पदाधिकारी, सामाजिक समिति सदस्य, जेंडर सखी और सीएलएफ एचआर ने भाग लिया। इसमें महिलाओं के नेतृत्व विकास पर प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम का संचालन ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया द्वारा किया गया, जिसमें नेशनल प्रोग्राम लीड शीमा भास्करन ने प्रशिक्षण दिया।
कार्यशाला में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने, जेंडर आधारित समस्याओं की पहचान और उनके समाधान के लिए सामूहिक नेतृत्व विकसित करने पर जोर दिया गया। इस दौरान घरेलू हिंसा, बाल विवाह, महिला स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक भेदभाव और महिलाओं के अधिकारों जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि महिला शक्ति केंद्र ग्रामीण महिलाओं के नेतृत्व विकास और सामाजिक परिवर्तन का मजबूत मंच बन सकते हैं। प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि अब महिलाएं गांवों में सामाजिक मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रख रही हैं।