मेडिकल में मृतक अमर गोयल की बीवी तृप्ति व बेटा तनमय
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महानगर के गांधी पार्क थाना क्षेत्र के अचल सरोवर पर मंगलवार दोपहर कासगंज डिपो की रोडवेज बस की चपेट में आने से मूर्ति कारोबारी की मौत हो गई। कारोबारी घर से अपनी जयगंज स्थित मूर्ति बिक्री की दुकान पर जा रहा था। यह देख दौड़े राहगीर और सूचना पर पहुंची पुलिस उन्हें जेएन मेडिकल कालेज लेकर पहुंचे। यहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज पुलिस ने वाहन चालक के खिलाफ मृतक की पत्नी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। हालांकि चालक फरार है। बस को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है।
अमर गोयल (45) पुत्र स्व. सत्यप्रकाश निवासी सुरेंद्र नगर बर्फखाना, क्वार्सी पीतल की मूर्ति बेचने का कारोबार करते थे। मूलरूप से परिवार एटा जिले के जलेसर का रहनेे वाला है। सासनी गेट के जयगंज इलाके में उनकी दुकान है। मंगलवार दोपहर 12 बजे करीब घर से दुकान जाने के लिए पैदल निकले थे। अचल सरोवर पर रोड पार करते समय उन्हें सामने से आती एक कासगंज डिपो की बस ने रौंद दिया। राहगीरों ने पुलिस बुलाकर कारोबारी को बचाने के लिए तत्काल उन्हें जिला अस्पताल भिजवाया। यहां से डाक्टरों ने जेएन मेडिकल कालेज के लिए रेफर कर दिया। मगर बचाया नहीं जा सका। पुलिस ने शव की शिनाख्त कर परिवार वालों को सूचना दी।
सूचना पर मृतक का 17 साल का बेटा तन्मय, पत्नी तृप्ती गोयल सहित परिवार के अन्य लोग पहुंच गए। यहां पति के शव को देख तृप्ति बेहोश हो गई। परिवारीजनों ने जैसे-तैसे उन्हें संभाला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज तृप्ति की तहरीर पर बस चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर किया। अमर गोयल दो बच्चों के पिता थे। बेटी रोहिणी कक्षा चार में पढ़ती है, जबकि बेटा तन्मय कक्षा 11 का छात्र है। परिवार का अमर के अलावा कोई सहारा भी नहीं है।