नवरात्रों में बुलंदशहर की कर्णवास-बेलौन वाली मइया की जात (दर्शन और विशेष पूजा) करने जा रहे श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्राली मंगलवार देर शाम सांकरा हजारा गंग नहर में पलट गई। इससे उसमें सवार चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि शेष दो दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया और उनकी निगरानी में बचाव कार्य शुरू किया गया। सड़क पर दौड़ते समय ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर नहर में पलट गया। श्रद्घालुआें की चीखपुकार सुनकर वहां आसपास के ग्रामीण इकट्ठे हो गए और नहर में डूबे लोगों को बाहर निकालने केे प्रयासाें में जुट गए। देर रात 11 बजे प्रशासन की ओर से सभी को नहर से बाहर निकालने का दावा किया गया। उधर, पुलिस-प्रशासनिक टीम के देरी से आने पर भड़के ग्रामीणों ने बसों के शीशे तोड़ दिए और जमकर हंगामा किया।
बताते हैं कि कासगंज जनपद के गंजडुडवारा थाना क्षेत्र के गांव बांसी निवासी सुनील कुमार पुत्र रामकिशोर अपने ट्रैक्टर में परिजनों व रिश्तेदारों को लेकर कर्णवास और बेलौन स्थित देवी मंदिरों पर जात कराने जा रहा था। ट्रैक्टर में करीब 37 लोग सवार थे। लेकिन शाम साढ़े छह बजे सांकरा से हजारा नहर की पटरी पर चलते समय गांव लहरा के पास कट को बचाने के चक्कर में ट्रैक्टर-ट्राली अनियंत्रित हो कर नहर में पलट गई।
ट्रैक्टर में सवार अधिकांश लोग गांव बांसी व पड़ोसी गांव बड़ागांव के रहने वाले और आपस में रिश्तेदार हैं। हादसे के शिकारलोगों की पहचान भूरे पुत्र राकेश (35), नानू पुत्री योगेश (6), मुन्नी देवी पत्नी रामकिशोर(45), राखी पुत्री जयप्रवेश (10) के रूप में की गई है। सभी गांव बांसी के हैं। एक दर्जन घायलों को सीएचसी अतरौली और गंभीर रूप से घायल डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों को जिला मुख्यालय लाया गया है। इनमें से आधा दर्जन की हालत नाजुक बनी हुई है।
इधर, दुर्घटना की खबर मिलले ही मंडलायुक्त चंद्रकात, डीआईजी गोविंद अग्रवाल, डीएम डा. बलकार सिंह, एसएसपी जे रविंद्र गौड़ भी कई थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। दूसरी ओर, राजस्व और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और वालंटियर की टीम पहले ही मौके पर पहुंच गई थी। देर रात मौके पर क्रेन बुला कर ट्रैक्टर को नहर से निकालने का काम शुरू किया गया।
ट्रैक्टर-ट्राली में कुल 31 लोग सवार थे। इनमें से 4 की मौत हो चुकी है, जबकि शेष घायल हैं। उनको इलाज के लिए अतरौली व जिला मुख्यालय भेजा गया है। राहत-बचाव कार्य भी जारी है। -डॉ.बलकार सिंह जिलाधिकारी