विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर कमिश्नरी सभागार में इन्फ्लुएंसर मीट का आयोजन किया गया। पर्यटन सलाहकार ललित जोशी ने बताया कि जिले के गौमत, नया बास और सहारा खुर्द गांवों का चयन पर्यटन विकास के लिए किया गया है। इन गांवों में स्थानीय लोगों को स्टोरी टेलर के रूप में चिह्नित किया जा रहा है, जो गांवों की संस्कृति, परंपरा और स्थानीय विशेषताओं को पर्यटकों तक पहुंचाएंगे। यहां होम स्टे की सुविधा भी विकसित की जाएगी।
कमिश्नरी सभागार में अपर आयुक्त प्रशासन प्रदीप कुमार यादव की अध्यक्षता में इन्फ्लुएंसर मीट का आयोजन किया गया। जिसमें जिले की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं क्षेत्रीय पर्यटन संभावनाओं को डिजिटल माध्यमों से व्यापक पहचान दिलाने पर मंथन किया गया। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक विविधता ही वास्तविक पर्यटन की पहचान है। अलीगढ़ जैसे ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक रूप से समृद्ध जनपद में पर्यटन की बहुत संभावनाएं हैं। इन्फ्लुएंसर इस विरासत को देश-दुनिया के लोगों तक पहुंचा सकते हैं।
क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अनुपम श्रीवास्तव ने विश्व पर्यटन दिवस की इस वर्ष की थीम डिजिटल एजेंडा एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टू रिडिजाइन टूरिज्म है। पंकज धीरज ने कहा कि मथुरा-वृंदावन से जुड़े ब्रज सर्किट में अलीगढ़ को भी शामिल किए जाए। इससे जनपद में आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी।
होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष मानव महाजन ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े स्थानीय संदर्भों की जानकारी मिले, तो अलीगढ़ भी पर्यटन मानचित्र में शामिल हो सकता है। अलीगढ़ किला भी महत्वपूर्ण पर्यटन आकर्षण हैं। यहां पर प्रीति चौधरी, कपिल शर्मा, तनु गौतम आदि को सम्मानित किया गया।