अभिनेता टॉम ऑल्टर अब दुनिया से रुख्सत हो चुके हैं। उनके साथ ही जिंदगी के कई राज भी चले गए। पांच साल पहले एएमयू के केनेडी हॉल में टॉम ने अदृश्य शक्ति होने की बात कही थी। इस शक्ति को उन्होंने मौलाना अबुल कलाम आजाद पर प्ले की रिहर्सल के दौरान महसूस किया था।
सन 2012 में एएमयू के ड्रामा क्लब के अध्यक्ष मदीउर्रहमान थे। उनके जूनियर सईद आलम की टॉम ऑल्टर से खूब छनती थी। उस समय टॉम ऑल्टर मौलाना आजाद पर देश-दुनिया में एक हजार से ज्यादा प्ले (नाटक) कर चुके थे। सो, मदीउर्रहमान ने सईद से गुजारिश की, कि एएमयू में टॉम का प्ले करवाएं।
जब टॉम से इस बारे में बात की गई, तो उन्होंने रजामंदी दे दी। बोले, मैं तो खुद चाहता था एएमयू में प्ले करना। टॉम ने फीस की भी डिमांड नहीं की। कहा, जो देंगे वह रख लेंगे। केनेडी हॉल में शानदार प्ले से उन्होंने ढाई घंटे तक छात्र-छात्राओं को बांधे रखा।
अधूरी रह गई टॉम को फिल्म में लेने की हसरत
मदीउर्रमान को उनकी निर्मित फिल्म ‘मजाज’ में टॉम ऑल्टर के न होने का मलाल है। वह कहते हैं कास्टिंग को लेकर उनसे कई बार मीटिंग भी हो चुकी थी, लेकिन शूटिंग के दौरान वह अमेरिका में थे। लिहाजा, उनको फिल्म में लेने की हसरत अधूरी रह गई। वह बताते हैं कि केनेडी हॉल में सुपर नेचुरल पावर होने की बात टॉम ने उनसे साझा की थी। वह बेहद उम्दा थिएटर आर्टिस्ट थे। जब एएमयू में प्ले कर रहे थे, तब लोग उनकी उर्दू लफ्जों की अदायगी के कायल हो गए थे। कह रहे थे कि अंग्रेज इतनी अच्छी उर्दू कैसे बोल सकता है। खैर, इससे पहले वह एएमयू में बड़ी खामोशी आए और चले गए थे।