मनोज माहेश्वरी
बिहार के नवनियुक्त राज्यपाल सतपाल मलिक का अलीगढ़ की राजनीति से गहरा नाता रहा है। किसी समय में वीपी सिंह के बेहद खास रहे सतपाल मलिक को वर्ष 1989 में जनता दल ने अलीगढ़ से अपना उम्मीदवार बनाया और वह यहां से कांग्रेस की ऊषादेवी को हराकर सांसद बने।
उन्हें केंद्रीय मंत्री भी बनाया गया। उनके बिहार का राज्यपाल बनने से यहां उनके परिचितों व भाजपाइयों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
मेरे साथ सांसद रहे हैं मलिक : डॉ. बंगाली सिंह
पूर्व सांसद डॉ. बंगाली सिंह ने सतपाल मलिक के राज्यपाल बनने पर खुशी जताई है। अतीत की यादें ताजा करते हुए उन्होंने बताया कि वर्ष 1989 में हाथरस जिला नहीं बना था। अलीगढ़ जिले में ही दो संसदीय क्षेत्र थे। 1989 में उन्हें हाथरस व सतपाल मलिक को अलीगढ़ से जनता दल से टिकट मिला। दोनों ही सीट जनता दल ने ही जीती थीं। सतपाल मलिक कुशल राजनीतिज्ञ हैं, साथ ही बेहद अच्छे इंसान भी हैं। हमारे अच्छे मित्र हैं। मलिक बिहार के राज्यपाल के रूप में बेहतरीन काम करेंगे।
अनुभवी राजनेता हैं मलिक : दलवीर सिंह
बरौली विधायक व पूर्व मंत्री दलवीर सिंह ने सतपाल मलिक को बधाई दी है। दलवीर सिंह का कहना है कि उन्होंने सतपाल मलिक के साथ काम किया है। वह काफी अनुभवी नेता हैं। सांसद बनने के बाद उन्होंने यहां के विकास के लिए काम किया। उन्हें बिहार का राज्यपाल बनाकर सरकार ने काफी अच्छा काम किया है। मलिक अपने दायित्व का बखूबी निर्वहन करेंगे।