कोरोना के चलते लागू लॉकडाउन के दौरान शनिवार को गणेश चतुर्थी पर घर-घर विघ्नों का हरण करने वाले गणपति विराजमान होंगे। पांच दशक में पहली बार सामूहिक आयोजन नहीं होंगे। इसके चलते मूर्ति, फूल, मिठाई, डीजे, ढोल आदि से जुड़े लोगों का कारोबार प्रभावित हुआ। वहीं, तमाम श्रद्धालु शुक्रवार को गणपति की प्रतिमा खरीदकर घर लेकर गए।
अचलताल स्थित सिद्धपीठ श्री गणेश मंदिर में सुबह से विशेष पूजा पाठ शुरू होगी। हवन, शृंगार अभिषेक आदि के साथ महाआरती का आयोजन होगा। श्री वार्ष्णेय मंदिर में सुबह दस बजे से दुग्धाभिषेक होगा। खास बात यह है कि शहर के मंदिरों में होने वाले आयोजन गेट बंद करके ही होंगे। शहरवासियों को मंदिरों में जाने की अनुमति नहीं होगी। कोरोना काल के चलते मूर्ति, फूल, मिठाई, डीजे, ढोल आदि व्यापार प्रभावित रहे। दैनिक कारोबार से कुछ बढ़कर शुक्रवार को खरीददारी हुई तो दुकानदारों के चेहरे खिल उठे। शहर के रामघाट रोड, जीटी रोड, आगरा रोड, मथुरा रोड पर जगह जगह गणपति की मूर्तियों की बिक्री हुई। पूजन सामग्री, मिठाई, फल, फूल की बिक्री तो हुई, लेकिन वह सीमित रही। फूलों की थोक बिक्री दिनभर चली। देर शाम बमुश्किल फुटकर बिक्री हुई।
विश्व प्रसिद्ध चौघड़िया मुहूर्त के अनुसार इस दौरान कर सकते हैं गणपति की स्थापना
- शुभ चौघड़िया- सुबह 07.30 बजे से 09.05 बजे तक
- चर का चौघड़िया- दोपहर 12:30 बजे से 02.00 बजे तक
- लाभ की चौघड़िया- दोपहर 02.00 बजे से 03:30 बजे तक
- अमृत का चौघड़िया - दोपहर 03.30 बजे से शाम 05:00 बजे तक
लग्न के अनुसार गणेश स्थापना मुहूर्त
- सिंह लग्न- प्रात: 5.58 से 08.15 तक
-कन्या लग्न- सुबह 8.15 से 10.30तक
-तुला लग्न प्रात:1030 बजे से दोपहर12:44तक
-धनु लग्न- दोपहर 1.47 से 3.53 तक
-मकर लग्न- शाम 05.02 से 06.47 तक
-विशेष- अभिजीत योग दोपहर 12.01 से 12.55 तक
रात 08.55 से 21.05 तक न देंखे चंद्रमा
श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान के अध्यक्ष पं. हृदय रंजन शर्मा ने बताया कि गणेश चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन नहीं किए जाते हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार इस दिन चंद्रमा देखने से बड़ा कलंक लगता है। उन्होंने कहा कि एक कथा के अनुसार गणपति ने चंद्रमा को श्राप दिया था कि तुम्हें कोई देखना पसंद नहीं करेगा। अगर देखेगा तो कलंकित हो जाएगा। इस मान्यता का पालन हिंदू धर्म के लोग करते हैं। उन्होंने कहा कि विशेषकर रात 08.55 से 21.05 बजे तक चंद्रमा न देखें।
सामूहिक कार्यक्रम, धार्मिक यात्रा, पंडाल पर रोक
कोरोना वायरस की चेन को तोडने के लिए हर सप्ताह शनिवार और रविवार को लगने वाला लॉकडाउन बीती रात 10 बजे से प्रभावी हो गया। आज गणेश चतुर्थी है, जो लॉक डाउन के बीच मनाई जाएगी। जिला प्रशासन ने इसको लेकर कोई खास छूट नहीं दी है। पहले की तरह ही सभी व्यवस्थाएं रहेंगी। लोगों को शनिवार और रविवार को सिर्फ सुबह छह से 11 बजे के बीच दूध, फल और सब्जी सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं की खरीददारी करनी होगी। मेडिकल स्टोर और अस्पताल पहले की तरह ही खुले रहेंगे। आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों को भी आवागमन की छूट ड्यूटी के समय होगी। साथ ही शाम चार से छह बजे के बीच दूध की दुकानों को भी खोलने की अनुमति दी गई है। जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि गणेश चतुर्थी और मोहर्रम को लेकर पहले ही गाइड लाइन जारी की जा चुकी हैं। सामूहिक कार्यक्रम, धार्मिक यात्रा, पंडाल आदि पर रोक लगी है। जनता से अपील की है कि वह लॉक डाउन का पालन करें। बेवजह सड़कों पर न घूमें। घूमने वालों पर कानूनी कार्रवाई होगी।
सख्त रहेगी सुरक्षा व्यवस्था
एडीएम सिटी राकेश कुमार मालपाणी ने बताया कि गणेश चतुर्थी और मोहर्रम को लेकर शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहेगी। जिला प्रशासन की ओर से मजिस्ट्रेटों को सतर्क किया गया है। इसके साथ ही सभी थानों के इंस्पेक्टरों को भी मुस्तैदी के साथ इलाकों में गश्ती करने के निर्देश दिए हैं।
जुमे की नमाज पर रही सख्ती
मोहर्रम की शुरूआत होने पर पहले जुमे को लेकर जिला प्रशासन शुक्रवार और अलर्ट रहा। सभी मजिस्ट्रेटों ने अपने-अपने इलाकों में स्थित मस्जिदों पर जाकर सुरक्षा व्यवस्था देखी। कोरोना के चलते सामूहिक नमाज पर लगी रोक को लेकर भी उन्होंने विशेष निगरानी रखी। एसीएम-2 रंजीत सिंह ने जमालपुर मस्जिद का दौरा सीओ-3 अनिल समानिया के साथ किया। उनके साथ पीएसी के जवान भी मौजूद रहे। वहीं, सिटी मजिस्ट्रेट विनीत कुमार सिंह ने ऊपरकोट मस्जिद, ईदगाह सहित पुराने शहर की अन्य प्रमुख मस्जिदों पर विशेष निगरानी की।