अतरौली डिपो की रोडवेज बस (यूपी 81 बीटी 6882) के संविदा परिचालक और चालक द्वारा अवैध टिकट मशीन से टिकट काटने के मामले की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। इस मामले में ट्राईमैक्स कंपनी के कर्मचारियों की ही मिलीभगत सामने आई है। कर्मचारियों ने उक्त बस की मशीन को कागजों में सात अक्तूबर 2019 से कंपनी के पास रिपेयरिंग के लिए होना दर्शाया था। जबकि मशीन का लगातार अवैध तौर पर इस्तेमाल हो रहा था। इस मामले में चालक-परिचालक पर दर्ज मुकदमे की जांच गंगीरी पुलिस करेगी।
बरौली विधायक ठा. दलवीर सिंह द्वारा आईजीआरएस पोर्टल पर इस संबंध में की गई शिकायत पर रोडवेज के आरएम परवेज खां ने शासन को अपनी रिपोर्ट भेजी है। इसमें आरएम परवेज खां की ओर से कहा गया है कि 28 नवंबर को एआरएम कासगंज के साथ सहायक यातायात निरीक्षक एटा-कासंगज प्रवीन कुमार अपने सहयोगी बृजेश कुमार के साथ दिल्ली-अतरौली-कासगंज मार्ग पर गंगीरी के पास चेकिंग कर रहे थे। उन्होंने रोडवेज बस संख्या यूपी 81 बीटी 6882 को रोका। इस बस पर संविदा परिचालक मोनू चौधरी और चालक सरताज अहमद तैनात थे। बस में कुल 25 यात्री मिले। इनमें से सात बेटिकट थे। परिचालक के पास टिकट जारी करने के लिए जो मशीन थी, वह संदिग्ध लगी तो उन्होंने बस का निरीक्षण किया, जिसमें टूल बॉक्स से जारी वैध टिकट मशीन मिली।
परिचालक ने स्वीकार किया कि जिस मशीन से उसने टिकट काटे हैं, वह अवैध है। इस प्रकरण में आगे जांच की गई तो पता लगा कि परिचालक के पास से मिली अवैध मशीन को सात अक्तूबर 2019 को रिपेयरिंग के लिए ट्राईमैक्स कंपनी के अलीगढ़ कार्यालय और फिर 9 अक्तूबर 2019 को लखनऊ कार्यालय भेजना दर्शाया गया है। वहां कागजों में यह मशीन दर्ज थी। इस मशीन को खराब दर्शाने का खेल रचा गया। इस मामले में अतरौली डिपो के नियमित परिचालक योगेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया गया था। उन्होंने निस्तारण आख्या में शासन को बताया गया है कि आरोपी चालक सरताज और परिचालक मोनू चौधरी को बर्खास्त कर दिया है। सभी देय रोक दिए हैं। साथ ही इनके खिलाफ थाना गंगीरी में मुकदमा भी दर्ज कराया गया है।
मुख्यमंत्री से की थी विधायक ने शिकायत
विधायक ने सीएम योगी को दो दिसंबर को इस मामले में पत्र लिखा था। उन्होंने इस प्रकरण को गंभीर मानते हुए इसमें विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत की भी बात कही थी। साथ ही रोडवेज विभाग से अब तक कितनी मशीनें चोरी या गायब हुई हैं, अगर चोरी हुईं हैं तो इनके संबंध एफ आईआर कहां दर्ज कराई गई हैं, इसका रिकार्ड मांगा था। साथ ही प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की थी।
एआरएम अतरौली की जांच में ट्राईमैक्स कंपनी के कर्मियों की मिलीभगत सामने आई है। जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी है। इस मामले में चालक-परिचालक पर मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। आगे की जांच गंगीरी पुलिस द्वारा की जाएगी। - परवेज खां, आरएम अलीगढ़ रोडवेज