स्कूल प्रबंधन से जुड़ी उर्वशी गौड़ का कहना है कि बच्ची स्टूल पर खड़ी थी। तभी अचानक से उसका संतुलन बिगड़ गया। इससे उसके प्राइवेट पार्ट पर हल्की चोट आई थी। इससे हल्का सा ब्लड आ जाने से उसके कपड़े खराब हो गए। इस पर माैजूद आया व स्टाफ ने उसे उठाकर उसके कपड़े आदि सही कराए थे। इसके बाद बच्ची सामान्य तरीके से बच्चों के साथ खेलती रही। हां इतना जरूर है कि बच्ची के गिर जाने की बात को मां को छुट्टी के समय नहीं बताया गया था। पूरे घटनाक्रम का वीडियो सीसीटीवी कैमरे में कैद है। जिसमें बच्ची के गिरने से लेकर उसे उठाने आदि का वीडियो मौजूद है। इसे उन्होंने पुलिस को साैंप दिया है। यह दुष्कर्म का मामला नहीं है बस गलतफहमी से जुड़ा हुआ है। इससे ज्यादा कुछ नहीं।
पुलिस चार दिन में भेजे चार्जशीट, एक सप्ताह में दिलवाएंगे सजा
दि अलीगढ़ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शैलेंद्र कुमार सिंह व महासचिव दीपक बंसल ने मासूम बच्ची के साथ हुई घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि मुकदमे में चार दिन में कोर्ट में चार्जशीट भेजें तो एक सप्ताह में इस पूरे मामले में दोषी को कठोर से कठोर सजा दिलवाएंगे। सामाजिक समता मंच के अध्यक्ष बल्देव चौधरी सीटू ने कहा है कि छात्रा के साथ हुई घटना अत्यंत निंदनीय और पीड़ादायक है। उन्होंने इस घटना की न्यायिक जांच कराने की मांग की है। यह समाज को कलंकित करने वाली हैं।