कलम, आज उनकी जय बोल, जला अस्थियां बारी-बारी, छिटकाई जिसने चिंगारी,.... रामधारी सिंह दिनकर की यह पंक्तियां पूर्व सैनिकों को स्मरण हो रही हैं। पूर्व सैनिकों को अपनी तैनाती के समय युद्ध का माहौल याद आ रहा है। सैनिकों का कहना है कि शांति के लिए युद्ध जरूरी है। अगर इस समय भी देश को उनकी सेवाओं की जरूरत पड़ी तो वह तैयार हैं।
ऑपरेशन विजय के दौरान मैं कोटा में तैनात था। उस वक्त भी युद्ध की प्रबल संभावनाओं को देखते हुए सैन्य एवं नागरिक क्षेत्र में ड्रिल कराई गई थी। - सुरेश सिंह राघव, पूर्व सैनिक
कारगिल जंग के दौरान मैं कश्मीर में तैनात था। ऑपरेशन से पहले काफी तैयारियां की गई थीं। अब भी हम मोर्चे पर जाने के लिए तैयार हैं। - कैप्टन सुलेमान खान
हमारे पास सैन्य अभियान का पूरा अनुभव है। सेना और सरकार को हम फिर से अपनी सेवाएं देने के लिए तैयार हैं। - मनोज सिंह, पूर्व वायु सैनिक
जल्द ही पूर्व सैनिकों का एक प्रतिनिधिमंडल जिला प्रशासन के माध्यम से रक्षा मंत्रालय को ज्ञापन भेजेगा। इसमें पूर्व सैनिक अपनी सेवाएं देने की बात रखेंगे। - एसके पाठक, पूर्व वायु सैनिक
पहलगाम हमले के बाद विभिन्न शहरों में बरती जा रही सतर्कता के क्रम में 7 मई को 100 आपदा मित्रों को प्रशिक्षित किया जाएगा। राज्य आपदा मोचन निधि के अंतर्गत यह 12 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें सिविल डिफेंस कोर अलीगढ़ के 25 जवान भी शामिल होंगे।
6 मई को विकास भवन सभागार में बैठक हुई। इसमें देश में सात मई को होने वाली मॉक ड्रिल को लेकर अलीगढ़ में भी सतर्कता इंतजाम किए जाने पर चर्चा हुई। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य किसी भी आपातकालीन स्थिति, जैसे युद्ध, हवाई हमला या प्राकृतिक आपदा, के लिए जनता को तैयार करना है।