इस घटना में मृत अंशु पुत्र भोजराज के अलावा 2 वर्षीय जय पुत्र किशनलाल, 13 वर्षीय गजेन्द्र पुत्र नीरज, 4 वर्षीय रिया पुत्री प्रवीन, 1 वर्षीय वंश पुत्र अनिल, 10 वर्षीय जानवी पुत्र सतीश सिंह, 1 वर्षीय मानव पुत्र अनार सिंह, 3 वर्षीय सुशान्त पुत्र कुलदीप, 5 वर्षीय प्रशान्त पुत्र मनीष, 13 वर्षीय गोलू पुत्र रमेश को कुत्ते ने काटा था।
बीस दिन बाद लगवाया था टीका
इस विषय में बच्चे के पिता भोजराज से जब बात की गई तो उसने बिलखते हुए बताया कि उसके बच्चे को कुत्ते ने काट लिया था। शुरुआत में तो गांव में ही उसने बच्चे का एक व्यक्ति से उपचार कराया। बाद में करीब बीस दिन बाद सीएचसी पर उसने बच्चे को एक टीका लगवाया। इसके बाद दूसरा टीका नहीं लग पाया था। उसे इसी बात का मलाल है कि शायद उसके बच्चे के समय से सभी टीके लगे होते तो बच्चा बच जाता। अब वह खुद को ही इसके लिए दोषी मान रहा है। उससे ज्यादा उसकी पत्नी का हाल बेहाल है। इधर, सीएसची प्रभारी डा.केपी सिंह बताते हैं कि इस बच्चे को केवल एक टीका लगवाया गया था। दूसरा टीका लगवाने के लिए घर वाले आए ही नहीं। न ही गांव के दूसरे बच्चों को कोई टीका लगा है। वे बताते हैं कि अगर समय से टीके लग जाते तो यह स्थिति न होती।