कस्बे के पूजा नर्सिंग होम में गांव सफेदपुरा की गर्भवती व उसके नवजात बच्चे की मौत के मामले में मृतका के पति ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है। एसएसपी के आदेश पर नर्सिंग होम की संचालिका कुसुम वर्मा, डॉ. पूनम और आशा शर्मा के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की गई है।
सफेदपुरा के यतेंद्र कुमार ने बताया कि चार अक्तूबर 2025 को सात माह की गर्भवती पत्नी जावित्री की तबीयत बिगड़ी थी। गांव की आशा कार्यकर्ता आशा शर्मा से संपर्क किया। सरकारी अस्पताल में डाॅक्टर न होने का हवाला देकर उन्होंने जावित्री को पूजा नर्सिंग होम में भर्ती करा दिया। यतेंद्र का आरोप है कि नर्सिंग होम में डाॅ. कुसुम वर्मा और डाॅ. पूनम ने उसका उपचार किया।
अल्ट्रासाउंड में बच्चे की हार्टबीट कम बताई और आपत्ति के बावजूद छह अक्तूबर को बिना उचित प्रक्रिया केरामान्य प्रसव करा दिया गया। जन्म लेते ही नवजात की मौत हो गई और अगले दिन जावित्री ने भी दम तोड़ दिया। घटना के बाद यतेंद्र ने सीएमओ से इसकी शिकायत की।
इसके बाद हुई जांच में नर्सिंग होम को दो साल से बंद बताकर क्लीन चिट दे दी गई थी। यतेंद्र द्वारा इस फर्जी जांच रिपोर्ट की शिकायत पांच दिसंबर को डीएम से की गई। इसके बाद एडी हेल्थ की पुनः जांच में नर्सिंग होम अवैध रूप से चलता पाया गया।
इसके दो कमरे सील कर 10 दिसंबर को एसीएमओ द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, लेकिन दर्ज कराई रिपोर्ट में उसकी पत्नी व नवजात बच्चे के प्रकरण को नहीं जोड़ा गया था।
एसीएमओ पर कार्रवाई की मांग
इस प्रकरण में पीड़ित यतेंद्र द्वारा सीएमओ से शिकायत करने पर एसीएमओ डाॅ. रोहित गोयल को जांच सौंपी गई थी। यतेंद्र का आरोप है कि रोहित गोयल के समक्ष सारे साक्ष्य प्रस्तुत करने के बावजूद उन्होंने जांच आख्या में नर्सिंग होम को दो वर्ष से बंद बता दिया था, जो झूठा साबित हुआ। जिसकी उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है।