अकराबाद क्षेत्र के गांव बहादुरपुर में वर्ष 2004 में प्रधानी चुनाव से जुड़ी रंजिश में हुई युवक की हत्या के तीन आरोपियों को उम्रकैद की सजा से दंडित किया गया है। यह फैसला एडीजे-8 अशोक भारतेंदु की अदालत से सुनाया गया है। बता दें कि इस हत्याकांड में एक आरोपी के खिलाफ फरारी में चार्जशीट दायर की गई थी, जिसके चलते चौथे आरोपी की पत्रावली अभी अदालत में लंबित है।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी मेपे सिंह के अनुसार, गांव बहादुरपुर के तत्कालीन प्रधान पप्पू की ओर से 10 अगस्त 2004 को मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें आरोप था कि 9 अगस्त की रात वह अपने भाई भगवान सिंह व मां के साथ चारपाई पर अलग अलग सोये हुए थे। इसी बीच पूर्व प्रधान रामवीर सिंह, उनका भाई जोगेंद्र व रिश्ते का भाई डिप्टी सिंह व गांव के नैहना हाथों में हथियार लेकर हमलावर होकर आ गए। नामजदों ने फायरिंग कर भगवान सिंह की हत्या कर दी और मां को भी दबोच लिया, जबकि खुद पप्पू ने वहां से भागकर जान बचाई। मां ने चारों आरोपियों को पहचान लिया। इसके आधार पर यह मुकदमा दर्ज कराया गया। इस दौरान पुलिस विवेचना में नैहना को छोड़कर बाकी तीनों आरोपियों को जेल भेजा गया। उनके खिलाफ चार्जशीट दायर की गई। लंबे समय तक नैहना के फरार रहने के कारण उसे पकड़ा नहीं जा सका और फरारी में उस पर चार्जशीट दायर की गई। बाद में पता चला कि नैहना किसी अन्य अपराध में जेल में है। तब उसका अलग से ट्रायल शुरू हुआ। इधर, रामवीर सिंह, जोगेंद्र व डिप्टी सिंह के खिलाफ प्रधानी की रंजिश से जुड़े साक्ष्यों व गवाही के आधार पर तीनों को दोषी करार देकर उम्रकैद व 7-7 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है।